भिलाई। भिलाई-3 के वसुंधरा नगर उत्तर स्थित आवासीय मकान में शुक्रवार तड़के आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी ) की संयुक्त टीम ने अचानक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। महिला डीएसपी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय इस विशेष जांच टीम ने नामी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी संतोष सिंह और मुकेश सिंह के निवास पर एक साथ छापा मारा। सुबह-सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरी कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया तथा स्थानीय रहवासियों में सनसनी फैल गई।
सूत्रों के अनुसार इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई का सीधा संबंध प्रदेश के बहुचर्चित कोयला एवं शराब घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, परंतु माना जा रहा है कि पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बीते दिनों दुर्ग के प्रमुख ट्रांसपोर्ट कारोबारी गुलशन बघेल के ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य और वित्तीय इनपुट मिले थे। उन्हीं इनपुट और कड़ियों को जोड़ते हुए ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम ने संतोष सिंह और उनके भाई मुकेश सिंह के ठिकाने पर यह गोपनीय कार्रवाई की है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संतोष सिंह और मुकेश सिंह मूलतः ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। हालांकि संतोष सिंह का अधिकांश समय दिल्ली में बीतता था। चर्चा है कि संतोष सिंह दिल्ली में अपनी राजनीतिक व प्रशासनिक पहुंच के बल पर वह छत्तीसगढ़ के विभिन्न कारोबारियों के विवादित व उलझे हुए मामलों को लेन-देन के जरिए सुलझाने के कार्य में सक्रिय भूमिका निभाता था। जांच दल ने पूरी कार्रवाई को अत्यंत गोपनीय रखा है। समाचार लिखे जाने तक जांच अधिकारी मकान के भीतर दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों का ब्योरा खंगाल रहे थे। सुरक्षा कारणों से परिसर के बाहर कड़ा पहरा लगा दिया गया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।




