शुरुआत से विसर्जन तक डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, पंडाल के अंदर- बाहर लगाने होंगे सीसीटीवी कैमरे
भिलाई। 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी श्रृंखला में पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में दुर्गोत्सव एवं गरबा आयोजन समितियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर की लगभग 150 से अधिक समितियों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने शासन द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से समितियों को अवगत कराया और उनका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। खासकर सभी पंडाल और भीड़ की मौजूदगी वाली जगह तक नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।
इस अवसर पर एडिशनल एसपी शहर शोभराज अग्रवाल, एसडीएम भिलाई नगर उत्तम सिंह पंचाणी, एडिशनल एसपी ट्रैफिक कौशलेंद्र पटेल और सीएसपी निशांत पाठक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक दुर्गोत्सव एवं गरबा आयोजन के लिए समितियों को निर्धारित प्रपत्र में पूर्व प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रत्येक पंडाल और भीड़ के प्रभाव वाले क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए समितियों को अपने वालिंटियर्स तैनात करने होंगे, जिन्हें अनिवार्य रूप से पहचान पत्र दिए जाएंगे। पंडालों में दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए महिला एवं पुरुष की अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, पंडाल परिसर या आसपास किसी भी व्यक्ति के नशे की हालत में पाए जाने पर सख्त मनाही रहेगी।
पंडालों में केवल धार्मिक गाने बजाने की ही अनुमति
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने डीजे के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। पंडालों में केवल धार्मिक गाने बजाने की ही अनुमति होगी। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग अधिकतम 75 डेसीबल की सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा। विद्युत सुरक्षा के संबंध में निर्देश दिए गए कि नियमानुसार वैध अस्थाई विद्युत कनेक्शन लिया जाए और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचाव के लिए वायरिंग सुरक्षित रहे। इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग स्थान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी।
निर्धारित रूट से जाएंगी विसर्जन झांकियां
विसर्जन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए निर्देश दिए गए कि विसर्जन झांकियां केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से ही गुजरेंगी। किसी भी विसर्जन झांकी में 3 से अधिक वाहनों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के दौरान अस्त्र-शस्त्र या किसी भी तरह के हथियार का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन झांकी में भी डीजे नहीं बजेगा, केवल लाउडस्पीकर पर धार्मिक संगीत बजाया जा सकेगा।




