रायपुर (पीआईबी)। चीनी की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी तथा सट्टेबाजी को रोकने के लिए चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। यह निर्णय 15 सितंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
बता दें वर्तमान में देश भर के चीनी व्यापारियों पर 1 अगस्त, 2026 से 4,000 क्विंटल की स्टॉक रखने की सीमा लागू है। सरकार ने अब इस सीमा को घटाकर 2,000 क्विंटल करने का निर्णय लिया है। खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्टॉक लिमिट में की गई यह कटौती 15 सितंबर से लागू होगी और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। नए नियमों के तहत अब कोई भी डीलर देश में कहीं भी एक समय में 2,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा, डीलरों के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे किसी भी स्टॉक को प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक अपने पास नहीं रख सकते हैं।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.28 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि (46.02 रुपये प्रति किलोग्राम) की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह थोक कीमतों में भी साल-दर-साल 36.28 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है और यह 58.40 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। इसी बेकाबू महंगाई को रोकने के लिए सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट को 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया है।
कोलकाता को इस पाबंदी से राहत
एक ओर जहां देशभर में चीनी का स्टॉक लिमिट तय करने के बाद भी पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों को एक विशेष राहत दी गई है। वहां के लिए पुरानी स्टॉक सीमा यानी 4,000 क्विंटल को ही बरकरार रखा गया है। खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोलकाता क्षेत्र उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी प्राप्त करता है और पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित देश के पूर्वी भाग को इसकी आपूर्ति करता है। इसलिए, कोलकाता और इसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों के लिए 4,000 क्विंटल की मौजूदा सीमा को बरकरार रखा गया है।
नियमित स्टॉक घोषणा और निरंतर निगरानी
सरकार चीनी बाजार में हो रहे घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही है और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चीनी भंडार की नियमित घोषणा और अद्यतन करने की व्यवस्था भी स्थापित की है। आने वाले हफ्तों में देश भर में चीनी मिलों, डीलरों और व्यापारियों सहित चीनी भंडार का भौतिक सत्यापन जारी रहेगा। सरकार उपभोक्ताओं को आश्वस्त करती है कि वह घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक व्यापार और वितरण गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहें।




