दो साल बाद भर्ती विज्ञापन निरस्त करने पर उठे सवाल
आरक्षण रोस्टर में अनियमितता, बैकलॉग पद भी प्रभावित
दुर्ग। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में जारी सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं प्राध्यापक बदों की जारी भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की गई है। पीडि़त पक्ष द्वारा इसकी शिकायत अनुसूचित जनजाति आयोग से करते हुए आशंका जताई गई है कि भर्ती प्रक्रिया के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया से उनके हितों का नुकसान हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 13 जुलाई 2023 में 35 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी हुआ था। लगभग दो साल बाद 16 सितंबर 2025 को उसे निरस्त कर दिया गया। इसकी कोई वजह नहीं बताई गई। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को 60 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया गया।
शिकायत में कहा गया है कि विभागवार सीट निर्धारण, आरक्षण वर्गीकरण पूरी समिति की औपचारिक बैठक में तय नहीं हुआ। रोस्टर समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान नहीं रखा गया। इससे आरक्षित वर्गों के पद प्रभावित हो सकते हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि पशुधन फार्म परिसर और पशु चिकित्सा नैदानिक परिसर प्रशासनिक रूप से एक इकाई के रूप में कार्य करते हैं। पदों के विज्ञापन में रोस्टर अलग-अलग लागू किया गया। इसे नियम विरुद्ध बताते हुए चुनौती दी गई है।
बैकलॉग पद भरे बिना भर्ती विज्ञापन जारी
5 मार्च 2019 को जारी विज्ञापन में 42 बैकलॉग पद निकाले गए थे। इनमें से केवल 7 पदों पर नियुक्ति हुई। 35 पद अब भी रिक्त बताए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार पहले बैकलॉग पद भरना अनिवार्य होता है। शिकायत में कहा गया है कि विभागवार सीट निर्धारण, आरक्षण वर्गीकरण पूरी समिति की औपचारिक बैठक में तय नहीं हुआ। रोस्टर समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान नहीं रखा गया।
पहले पद तय कर लिये, फिर बैठक में अनुमोदन
29.01.2025 से रोस्टर कमेटी गठित की गई और 31.01.2025 को विभिन्न फैकल्टी/विभागों को एक इकाई मानकर अंग्रेजी वर्णानुक्रम में केवल 35 शैक्षणिक पद निर्धारित किये गये। रोस्टर निर्धारित करने की व्यवस्था को 30.07.2025 को कार्यपरिषद की 25वीं बैठक में अनुमोदित किया गया। इस संबंध में आदेश 16.09.2025 को जारी हुआ। शिकायतकर्ताओं ने रोस्टर रजिस्टर, समिति कार्यवाही, विज्ञापन निरस्तीकरण से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा है कि पहले शेष बैकलॉग पद नियमानुसार भरे जाएं। उसके बाद ही नए पदों पर भर्ती शुरू हो।




