ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय
Share
Notification Show More
Latest News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के सीमावर्ती गांवों में सड़क संपर्क को मिल रही मजबूती
October 12, 2026
शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, उत्कृष्ठ महिलाओं का किया सम्मान
October 12, 2026
स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री साय
October 12, 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा, दुर्ग में थाना एवं ऑफिस रीडर्स को दी गई ट्रेनिंग
October 11, 2026
भिलाई में अगले महीने से दौड़ेंगी ई-बसें… 20 बसों के साथ होगी शुरूआत
October 11, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
BalrampurBreaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeatured

प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

By Mohan Rao Published August 26, 2026
Share
SHARE

मुख्यमंत्री साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक कर की प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

बलरामपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुध्लवार को रामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।

बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर,  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,  गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

You Might Also Like

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के सीमावर्ती गांवों में सड़क संपर्क को मिल रही मजबूती

शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, उत्कृष्ठ महिलाओं का किया सम्मान

स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा, दुर्ग में थाना एवं ऑफिस रीडर्स को दी गई ट्रेनिंग

भिलाई में अगले महीने से दौड़ेंगी ई-बसें… 20 बसों के साथ होगी शुरूआत

Mohan Rao August 26, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article दुर्ग से रायगढ़ के बीच चलेगी रक्षाबंधन स्पेशल, बहनों की सुविधा के लिए रेलवे का तोहफा
Next Article ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी JEE और NEET की उत्कृष्ट तैयारी की सुविधा

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?