कोरबा। देवपहरी वाटरफॉल के पास फोटो खिंचने पहुंचे तीन युवक अचानक नदी का जलस्तर बढऩे से बीच टापू पर फंस गए। करीब 15 घंटे तक रातभर तेज बहाव और अंधेरे के बीच फंसे रहने के बाद आज सुबह पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। युवकों को रस्सी के सहारे नदी पार कराकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
फंसे युवकों की पहचान धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी के रूप में हुई है। तीनों गुरमा श्यांग के रहने वाले बताए गए हैं। वे सतरेंगा घूमने के बाद देवपहरी वाटरफॉल पहुंचे थे। यहां फोटो खींचने के दौरान अचानक नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया, जिससे वे रास्ते में बने टापू पर फंस गए।
रातभर छतरी में बिताई रात
पानी बढऩे के बाद तीनों युवकों ने टापू के बीच बनी एक छतरी में शरण ली। रात के समय वहां अंधेरा था और नदी का बहाव तेज होने के कारण उनके लिए बाहर निकलना संभव नहीं था। युवकों ने रेस्क्यू टीम से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क बनाए रखा और अपनी लोकेशन की जानकारी देते रहे। रेस्क्यू टीम ने उन्हें घबराने से बचने और बहाव बढऩे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी। टॉर्च की रोशनी के जरिए उनकी लोकेशन पर नजर रखी गई।
रस्सी के सहारे बाहर निकाला
सुबह मौसम और पानी की स्थिति का आकलन करने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। टीम ने रस्सी के सहारे नदी के तेज बहाव को पार कराते हुए तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 15 घंटे तक चले इस रेस्क्यू के बाद तीनों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया, फिलहाल उनकी स्थिति ठीक बताई जा रही है।
प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश और नदी-नालों का जलस्तर बढऩे के दौरान जलप्रपात और नदी के आसपास पिकनिक या घूमने के लिए न जाएं। अचानक बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव जानलेवा साबित हो सकता है। देवपहरी में हुई इस घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जलप्रपात और नदी क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।




