ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: भिलाई के अंकुश देवांगन ने चावल के दाने पर बनाया भारत का नक्शा
Share
Notification Show More
Latest News
shreekanchanpath 346 # 29 September 2026
September 29, 2026
संगठन विस्तार की रणनीति पर मंथन, अपना दल (एस) ने तेज की 2028 की तैयारी
संगठन विस्तार की रणनीति पर मंथन, अपना दल (एस) ने तेज की 2028 की तैयारी
September 29, 2026
पर्यटन के नक्शे पर जशपुर की नई पहचान, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड
September 29, 2026
सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम के लिए छत्तीसगढ़ का चयन, सीएम साय करेंगे नेतृत्व
September 29, 2026
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : चयन ट्रायल के पहले दिन 223 खिलाड़ी उतरे मैदान पर
September 29, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

भिलाई के अंकुश देवांगन ने चावल के दाने पर बनाया भारत का नक्शा

By Mohan Rao Published August 13, 2026
Share
SHARE

भिलाई। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन ने चांवल के छोटे से दाने पर भारत के नक्शे की पेंटिंग बनाई है। जिसमें शान से लहराते तिरंगे के साथ नीचे इंडिया भी लिखा है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से संदेश दिया है कि जननी जन्मभूमिश्च, स्वर्गादपी गरीयसी। अर्थात जिस धरा पर हमने जन्म लिया है वह स्वर्ग से भी सुंदर है‌ और हर वर्ग के लोगों को इससे प्रेम करना चाहिए।

ज्ञात हो कि अंकुश ने सूक्ष्मकला बनाने की शुरुआत 1985 में मात्र 15 वर्ष की उम्र से की थी। ताकि बढ़ रहे माओवादी हिंसक विचारधाराओं को रोकने के लिए बच्चों में सृजनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकें। उन्होंने अपने बचपने से अनुभव किया था कि जो भी बच्चे उनसे कलाकारी की कुछ नज्में सीख जाते हैं वे कभी हिंसक गतिविधियों में शामिल नहीं होते। बल्कि पढ़ाई लिखाई करके अपने परिवार का जीवन संवारते हैं। तब से वे गांव गांव में इन सूक्ष्म कलाओं की प्रदर्शनी लगाते आ रहे हैं। उनके आंदोलन का नाम भी हिंसा छोड़ो कला से नाता जोड़ो है। जिससे इन 36-40 वर्षों में हजारों बच्चों को लाभ मिला है। नक्सलमुक्त भारत के इस प्रथम स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने समस्त नागरिकों को बधाई दी है।

You Might Also Like

पर्यटन के नक्शे पर जशपुर की नई पहचान, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड

सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम के लिए छत्तीसगढ़ का चयन, सीएम साय करेंगे नेतृत्व

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : चयन ट्रायल के पहले दिन 223 खिलाड़ी उतरे मैदान पर

मुख्यमंत्री साय की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मू, 23 अक्टूबर को जगदलपुर में होगा आयोजन

Mohan Rao August 13, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article दुर्ग भिलाई में ऑटो व ई-रिक्शा चालकों को जारी होगा क्यूआर कोड, एक क्लिक पर जा सकेंगे पूरी डिटेल
Next Article छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील में 13840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?