ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: रात में भी वन्यजीवों की सुरक्षा की पहल, थर्मल ड्रोन से होगी बस्तर के जंगलों की हाई-टेक निगरानी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
BasterBreaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

रात में भी वन्यजीवों की सुरक्षा की पहल, थर्मल ड्रोन से होगी बस्तर के जंगलों की हाई-टेक निगरानी

By Mohan Rao
Published: July 29, 2026
Share
SHARE

रायपुर। बस्तर वन मंडल में घने जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए थर्मल इमेजिंग ड्रोन से हाई-टेक निगरानी शुरू की गई है। इससे रात के अंधेरे में भी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, अवैध कटाई व शिकार पर रोक लग रही है, और अज्ञात वन्यजीवों के पगचिन्ह मिलने पर उनकी सटीक लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस ड्रोन घने अंधकार में भी गर्मी (बॉडी हीट) के आधार पर जानवरों या संदिग्ध लोगों को आसानी से खोज लेते हैं। हाल ही में माचकोट और बिलोरी के जंगलों में किसी अज्ञात खूंखार वन्यप्राणी के पंजे के निशान मिलने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा और तलाश के लिए इन ड्रोनों को तैनात किया है। जंगलों में लकड़ी की तस्करी, अवैध कटाई और शिकार जैसी असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप बस्तर के घने जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। बस्तर वन मंडल में कांकेर वन मंडल के सहयोग से थर्मल इमेजिंग ड्रोन के माध्यम से जंगलों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से रात्रिकालीन निगरानी की जा रही है। जल्द ही बस्तर वन मंडल को भी अपना थर्मल ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा।

अंधेरे में भी वन्यजीवों तथा मानव गतिविधियों का मिलेगी जानकारी
थर्मल ड्रोन शरीर की गर्मी (हीट सिग्नेचर) के आधार पर घने जंगलों और अंधेरे में भी वन्यजीवों तथा मानव गतिविधियों का पता लगा सकता है। इससे भालू, तेंदुआ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिल रही है। साथ ही अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वन्यजीवों के शिकार जैसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने मिलेगी मदद
वन विभाग इस तकनीक का उपयोग मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए भी कर रहा है। यदि जंगल से लगे गांवों में हाथियों या अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी की सूचना मिलती है, तो थर्मल ड्रोन से उनकी लोकेशन का पता लगाया जाता है। इसके आधार पर ग्रामीणों को समय पर सतर्क किया जाता है, जिससे जन-धन की हानि की आशंका कम होती है। रात्रि के समय संदिग्ध गतिविधियों की पहचान होने पर ड्रोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। इससे वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और वनकर्मियों की सुरक्षा दोनों मजबूत हुई हैं।

रात्रिकालीन गश्त अधिक प्रभावी होगा
डीएफओ बस्तर उत्तम गुप्ता ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार आधुनिक तकनीक से वन संरक्षण को नई मजबूती मिली है। वर्तमान में कांकेर वन मंडल के सहयोग से थर्मल ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है और शीघ्र ही बस्तर वन मंडल को भी अपना थर्मल ड्रोन मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे रात्रिकालीन गश्त अधिक प्रभावी हुई है तथा बस्तर की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।

अवैध खनिज परिवहन के मामले में 2 हाईवा समेत 6 वाहन जब्त
कोरोना को लेकर बिहार के लोगों की सोच बदलनी जरूरी, जागरूक करना होगा: हाईकोर्ट
असामाजित तत्वों की करतूत! रेलवे स्टेशन पर आग से मचा हड़कंप, घंटों मशक्कत के बाद पाया काबू
ओपी चौधरी पहुंचे नालंदा परिसर, आवश्यक सुधार और जरूरतों पर फोकस, छात्रों से की चर्चा
दर्दनाक हादसा : गिट्टी लदा ट्रक स्कॉर्पियो पर पलटा, आठ की मौत, शादी समारोह से लौट रहा था परिवार
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय, बोले- साबित होगा राज्य में खेलों के विकास के लिए मील का पत्थर

Ro.No.-13895/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?