ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: प्रकृति के साथ संतुलन और जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक – राज्यपाल डेका
Share
Notification Show More
Latest News
जलाशयों में तेजी से बढ़ा जलस्तर, महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
गंगरेल बांध के 7 गेट खोले गए, 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
September 13, 2026
बालिका छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों का सभी कलेक्टर नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की करें समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत पर लिया संज्ञान
September 13, 2026
मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना से प्रदेश में 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती का लक्ष्य
हल्दी की खेती से बढ़ रही फसल विविधता, किसानों की आय में हो रही वृद्धि
September 13, 2026
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन संभावनाओं का हुआ प्रभावी प्रदर्शन
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
September 13, 2026
shreekanchanpath 330 # 13 September 2026
September 13, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

प्रकृति के साथ संतुलन और जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक – राज्यपाल डेका

By Mohan Rao Published July 26, 2026
Share
SHARE

राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’अभियान का किया शुभारंभ

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हमें अभी से जल संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने होंगे।

राज्यपाल डेका ने रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा  पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’के लिए आयोजित राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों को  झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर की यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देगा। राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जागृति का अभियान है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर
श्री डेका ने कहा कि प्रकृति हमारी मां के समान है और उसका संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निवासी सौभाग्यशाली हैं। यह प्राकृतिक संपदा से समृद्ध प्रदेश है। यहां के घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य और सह-अस्तित्व का संदेश देती आई है। बदलते समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इसलिए यहां की हरियाली और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करना आवश्यक है।

इको फ्रेंडली तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन
राज्यपाल ने जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पानी की उपलब्धता भविष्य की एक बड़ी चुनौती है। जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के साथ वर्षा जल संचयन और परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए इको फ्रेंडली व्यवस्थाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना होगा।

सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना
राज्यपाल ने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। माइक्रोप्लास्टिक का प्रभाव मां के दूध तक में दिखाई देना भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंताजनक है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से समाज एवं समुदाय के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने पर जोर दिया।

आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम करना
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी, जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धरती का बढ़ता तापमान, अनियमित मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं हमें प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रही हैं। श्री डेका ने कहा कि यह अभियान विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का भी संदेश देता है। राजयोग के माध्यम से सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। भौतिक प्रगति के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना भी आवश्यक है।

प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए
राज्यपाल ने सभी नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह देखभाल करे। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई तथा अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।

You Might Also Like

गंगरेल बांध के 7 गेट खोले गए, 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

मुख्यमंत्री ने बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत पर लिया संज्ञान

हल्दी की खेती से बढ़ रही फसल विविधता, किसानों की आय में हो रही वृद्धि

राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी: सीएम साय

Mohan Rao July 26, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article उद्यानिकी विभाग की सहायता से बदली तस्वीर, मल्चिंग तकनीक से मिर्च की खेती में लाखों की आय
Next Article सीएम साय के निर्देश पर पंडो बच्चों तक पहुंची शिक्षा, जिला प्रशासन ने गांव में ही की विशेष व्यवस्था

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?