ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों को खाद-बीज की निर्बाध उपलब्धता, कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों को खाद-बीज की निर्बाध उपलब्धता, कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार

By Mohan Rao
Published: July 23, 2026
Share
SHARE

खरीफ सीजन 2026 में डीएपी की सीमित राष्ट्रीय उपलब्धता के बीच छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी व्यवस्था

रायपुर। खरीफ 2026 के दौरान डीएपी की राष्ट्रीय स्तर पर सीमित उपलब्धता के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश के प्रत्येक किसान को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो, किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी के अनुरूप कृषि विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण एवं मूल्य नियंत्रण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए डीएपी का लक्ष्य 3 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। जबकि 21 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में एक लाख 84 हजार 413 मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया गया है। वहीं भंडारण के विरूद्ध किसानों को एक लाख 26 हजार 360 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। इसके बाद भी समितियों एवं गोदामों में अभी 58 हजार 054 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि खरीफ 2025 की इसी अवधि में 37 हजार 535 मीट्रिक टन डीएपी शेष था।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुरूप किसानों को डीएपी के साथ-साथ एनपीके एवं अन्य संतुलित उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे फसलों की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके तथा डीएपी पर अत्यधिक निर्भरता कम हो।

देश में डीएपी का लगभग 70 से 80 प्रतिशत तथा एनपीके का 30 से 40 प्रतिशत आयात विदेशों से किया जाता है। वैश्विक परिस्थितियों एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण डीएपी और एनपीके की उपलब्धता तथा कीमतों पर प्रभाव पड़ा है। इसी कारण उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों द्वारा भारत सरकार की प्रचलित नीति एवं बाजार परिस्थितियों के अनुरूप एनपीके के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में वृद्धि की गई है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों के मूल्य निर्धारित करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, फिर भी किसानों से निर्धारित एमआरपी से अधिक मूल्य वसूला न जाए, इसके लिए कृषि विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश में 4,878 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है। कार्रवाई के दौरान 625 नोटिस जारी किए गए, 183 केन्द्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाए गए तथा 98 केन्द्रों से उर्वरक जब्त किए गए। वहीं 97 केन्द्रों का लाइसेंस निलंबित और 11 विक्रय केन्द्रों का लाइसेंस निरस्त किया गया। साथ ही 56 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए तथा 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। इधर, भारी वर्षा से जिन क्षेत्रों में बोनी प्रभावित हुई है अथवा किसानों को पुनः बुआई (डबल बोनी) करनी पड़ रही है, वहां जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने तथा शासन के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, मूल्य नियंत्रण एवं कालाबाजारी पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सके। राज्य शासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों से ही निर्धारित मूल्य पर उर्वरक खरीदें। यदि कहीं भी अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, आधा दर्जन गाडिय़ां आपस में टकराईं, तीन लोगों की मौत, चार घायल
INC CG के एक ट्वीट पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कर दी पीसीसी अध्यक्ष को हटाने की मांग… बुरी तरह हुए ट्रोल
सीरीज बराबर करने के टीम इंडिया के मंसूबों पर फिर सकता है पानी, छाया दूसरे टी20 पर बारिश का साया
2500 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त, स्पेशल सेल ने 4 तस्करों को पकड़ा
Breaking News : चुनाव आयोग ने की पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होगा चुनाव
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Breaking News : सेंट्रल एवेन्यू पर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, दो युवकों की मौत
Next Article दुर्ग पुलिस की बड़ी उपलब्धि : डिजिटल एफआईआर प्रणाली लागू करने वाला बना पहला जिला

Ro.No.-13895/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?