दुर्ग पुलिस ने किया अंधेकत्ल का खुलासा : तीन दिन पहले मिला था महिला का अर्धनग्न शव
भिलाई। दुर्ग के पुलगांव थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले हुए हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक नशे के आदी हैं और घटना वाले दिन नशे की हालत में महिला से दुष्कर्म करना चाह रहे थे। महिला ने विरोध जताया और पुलिस में शिकायत की धमकी दी तो दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। घटना स्थल के आसपास कई सीसी टीवी कैमरों की फुटेज जांचने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, आरोपियों के घटना समय पहने हुए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त कर प्रकरण में शामिल किए गए। आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

बता दें 17 जुलाई को पुलगांव नाला के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के बगल से शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में महिला का अर्धनग्न शव मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। मृतका के पति का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती थीं और मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाती थीं। परिजनों के अनुसार महिला 16 जुलाई की शाम घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद 17 जुलाई को सिटी कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। कुछ ही घंटे बाद पुलगांव क्षेत्र से उनका शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने घटनास्थल पर महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए थे।

विशेष टीम का गठन कर की गई जांच
शुरुआती जांच में माना गया कि पत्थर से सिर कुचलने के कारण उनकी मौत हुई। वहीं शव अर्धनग्न हालत में मिलने के कारण दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका भी जताई गई। अंधे कत्ल की प्रतीत होने के कारण तत्काल विशेष पुलिस टीम गठित कर सभी संभावित पहलुओं पर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। साथ ही स्थानीय नागरिकों, मजदूरों, ई-रिक्शा चालकों एवं अन्य संभावित गवाहों से विस्तृत पूछताछ की गई।
सीसी टीवी फुटेज की जांच में दिखे सदिग्ध
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे फुटेज मिले हैं, जिनमें महिला वारदात से पहले दो युवकों के साथ अलग-अलग जगहों पर नजर आई है। इसके बाद से पुलिस का शक इन दोनों युवकों पर गहरा गया है। दोनों युवकों की पहचान नितेश ठाकुर एवं हर्ष यादव के रूप हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पृथक-पृथक पूछताछ की गई। प्रारंभ में वे पुलिस को गुमराह करते रहे, किन्तु वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के समक्ष विरोधाभासी कथन सामने आने पर उन्होंने घटना करना स्वीकार किया।
पैसों का लालच देकर महिला को ले गए
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 16 जुलाई को दोनों घूमते हुए अलग-अलग स्थानों से शराब खरीदकर लगातार शराब का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान तहसील कार्यालय दुर्ग के पास उनकी मुलाकात एक महिला से हुई। दोनों ने महिला को पैसों का प्रलोभन देकर अपने साथ चलने के लिए तैयार किया तथा ई-रिक्शा से पुलगांव नाला स्थित पुराने पुल के समीप सुनसान स्थान पर ले गए। सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। महिला ने विरोध किया गया तथा आरोपियों को पुलिस में रिपोर्ट करने एवं गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। महिला के विरोध करने एवं पुलिस कार्रवाई की आशंका से घबराकर दोनों आरोपियों ने उसे जान से मारने का निर्णय लिया। इसके बाद हर्ष यादव ने अपने पास रखे गमछे से महिला का गला दबाया और नितेश ठाकुर ने पास में पड़े बड़े बोल्डर पत्थर से महिला के सिर एवं चेहरे पर लगातार वार किए। इसके पश्चात आरोपी हर्ष यादव ने भी उसी बोल्डर पत्थर से महिला के सिर पर प्रहार किया, जिससे महिला की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद किया साक्ष्य मिटाने का प्रयास
हत्या करने के बाद दोनों आरोपी घटनास्थल से पैदल निकलकर पुलगांव चौक पहुंचे तथा वहां से लिफ्ट लेकर चंदखुरी पहुंचे। घटना के समय पहने हुए कपड़ों को बदलकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। एक आरोपी ने अपने कपड़े धोकर छिपा दिए तथा दूसरे आरोपी के कपड़े भी अपने घर में रखवा दिए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा उक्त तथ्यों का खुलासा किए जाने पर उनकी निशानदेही से घटना में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, घटना के समय पहने हुए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। उपलब्ध प्रत्यक्ष, परिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
उक्त अंधे कत्ल की गुत्थी को चंद घंटों में सुलझाने में थाना पुलगांव पुलिस की विवेचना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग, संदिग्धों से सतत पूछताछ तथा त्वरित विवेचना के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक घटना की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें।




