ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि देकर विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत
Share
Notification Show More
Latest News
भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना का निर्माण : मुख्यमंत्री साय
October 13, 2026
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ
October 13, 2026
खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री साय
October 13, 2026
छत्तीसगढ़ में लागू हुआ नया किराया नियंत्रण कानून, राज्यपाल ने दी मंजूरी
October 13, 2026
नए शाला भवन निर्माण से अब गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा
सेवा की कहानी : नए शाला भवन निर्माण से अब गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा
October 13, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि देकर विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत

By Mohan Rao Published July 13, 2026
Share
SHARE

मुख्यमंत्री  साय बोले- छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न खो दिया… आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव रहेंगी प्रेरणा की स्त्रोत

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सहित सभी मंत्री विधायकों ने पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी अत्यंत सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित विश्व के अनेक देशों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया। यह गौरव प्राप्त करने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्रियों ने भी डॉ. तीजन बाई के कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर प्रवास पर आए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अनेक विश्वविद्यालयों द्वारा डॉ. तीजन बाई को डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। भारतीय लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

उनकी कला, साधना और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सदन की ओर से दिवंगत पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि परमात्मा इस कठिन समय में शोकाकुल परिजनों, उनके असंख्य प्रशंसकों और कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

You Might Also Like

भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना का निर्माण : मुख्यमंत्री साय

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ

खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ में लागू हुआ नया किराया नियंत्रण कानून, राज्यपाल ने दी मंजूरी

सेवा की कहानी : नए शाला भवन निर्माण से अब गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा

Mohan Rao July 13, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज, एनएमसी से पांच जिलों में 250 सीटों की मिली स्वीकृति
Next Article भारतीय महिला टीम ने लॉर्डस में रचा इतिहास,  270 रनों से जीता एकमात्र टेस्ट

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?