भिलाई। अपहरण कर लूटपाट की वारदात में शामिल 6 आरोपियों को सुपिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें चार नाबालिग भी शामिल है। इन सभी ने मिलकर गदा चौक के पास एक व्यक्ति से मारपीट कर नकदी, मोबाइल, स्कूटी, चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान लूट लिया था। आरोपियों द्वारा प्रार्थी के डिजिटल भुगतान माध्यम से जबरन राशि ट्रांसफर कराकर कुल ₹87,180 की लूटपाट की गई थी। प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

प्रार्थी शिक्षक कॉलोनी, डौंडी, जिला बालोद निवासी द्वारा थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 2 जुलाई 2026 की रात्रि वह अपने रिश्तेदार के साथ दुर्ग-भिलाई घूमने आया था। प्रातः लगभग 4:30 बजे गदा चौक स्थित पुरानी शराब भट्ठी के पास स्कूटी खराब होने पर कुछ युवकों से सहायता मांगी। बातचीत के दौरान आरोपियों ने स्कूटी चोरी की होने का संदेह जताते हुए अपने अन्य साथियों को बुलाया तथा प्रार्थी एवं उसके साथी का जबरन अपहरण कर विभिन्न स्थानों पर ले जाकर मारपीट की।
आरोपियों द्वारा प्रार्थी से चांदी की अंगूठियां, चांदी का ब्रेसलेट, स्कूटी, दो मोबाइल फोन, नगदी, पर्स, आवश्यक दस्तावेज एवं इलेक्ट्रिकल कार्य का सामान छीन लिया गया। इसके अतिरिक्त प्रार्थी को धमकाकर उसके डिजिटल भुगतान माध्यम से 18,180 की राशि भी जबरन ट्रांसफर कराई गई। बाद में पुलगांव क्षेत्र में ले जाकर धारदार हथियार दिखाकर धमकी दी गई तथा जबरन वीडियो बनवाकर शिकायत नहीं करने के लिए भयभीत किया गया।
प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रार्थी से पहचान कराकर 2 आरोपियों सोहेल खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी शीतला मंदिर के पास, इंद्रा नगर, सुपेला व पंकज विश्वकर्मा, उम्र 18 वर्ष, निवासी गदा चौक, सुपेला व 4 अपचारी बालकों को अभिरक्षा में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण के 02 अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक अम्बर भारद्वाज, सउनि अमर दास गंगेले, प्रधान आरक्षक प्रकाशचंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक अमर सिंह, आरक्षक दुर्गेश सिंह राजपूत एवं आरक्षक प्रदीप सिंह की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक घटना की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें। कानून अपने हाथ में न लें तथा किसी भी प्रकार के अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




