राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना प्रभारी और यहां की एक महिला आरक्षक को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। सोमनी थाने में नाबालिक बालिका को उसके परिवार के साथ रात में संवेदना कक्ष में रखने और महिला प्रधान आरक्षक के द्वारा नाबालिक बालिका के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायत के बाद एसपी अंकिता शर्मा ने कार्रवाई की। इस मामले में थाना प्रभारी अरुण कुमार नामदेव और महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह को निलंबित किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार एक नाबालिक बालिका को सोमनी थाने में लाया गया। नाबालिग बालिका की जांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी में कराई गई,जहां उसे प्रेग्नेंट बताया गया। इसके बाद बाद नाबालिकके परिजनों ने अन्य स्थान पर चेकअप कराया जहां प्रेगनेंसी नहीं पाया गया। इस मामले को लेकर नाबालिक बालिका से पूछताछ करने नाबालिक बालिका और उसके परिवार को सोमनी थाने में पुलिस कर्मियों के द्वारा बुलाया गया। यहां पूछताछ के नाम पर नाबालिग को परिवार के साथ रात में संवेदना कक्ष में रखकर पूछताछ की गई।
बताया जाता है कि इस दौरान महिला प्रधान आरक्षक के द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। इस मामले में जिले की एसपी अंकिता शर्मा से शिकायत की गई। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने के कारण निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव और महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है और निलंबन अवधि के दौरान बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने को लेकर भी निर्देश दिए हैं और आदेश जारी किया गया हैं।




