ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: पंचकर्म चिकित्सा की मदद से 5 साल पुराने माइग्रेन से मुक्त हुईं सीमा
Share
Notification Show More
Latest News
खनिज माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान, अवैध परिवहन में लगे 21 वाहन जब्त
October 11, 2026
रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 3 जेसीबी सहित 5 वाहन व मशीनें जब्त
October 11, 2026
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी (ऑनर्स) की रिक्त सीटों के लिए काउंसिलिंग 14 से 16 अक्टूबर तक
October 11, 2026
राजस्व कार्यों और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही पड़ी भारी, महासमुंद में पांच पटवारी निलंबित
October 11, 2026
असम तक पहुंची गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की खुशबू , राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छाया विष्णु भोग चावल
October 11, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedHealthSukma

पंचकर्म चिकित्सा की मदद से 5 साल पुराने माइग्रेन से मुक्त हुईं सीमा

By Poonam Patel Published May 18, 2026
Share
सुकमा जिले में सेहत के साथ युवाओं को मिल रही मुख्यधारा की रोशनी
सुकमा जिले में सेहत के साथ युवाओं को मिल रही मुख्यधारा की रोशनी
SHARE

रायपुर। बीते पांच साल सुकमा निवासी 39 वर्षीय सीमा सिंह के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थे। माइग्रेन के दर्द से तड़पती सीमा ने राहत की चाह में दूर-दूर के बड़े शहरों के चक्कर काटे, एलोपैथी की ढेरों दवाइयां खाईं, लेकिन बीमारी जस की तस रही। निराशा के इन बादलों के बीच उम्मीद की एक किरण तब जागी, जब वे बीते 4 मई को “आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक सुकमा“ पहुँचीं। यहाँ अनुभवी चिकित्सक डॉ. मनोरंजन पात्रो की देखरेख में लगभग एक सप्ताह तक चले आयुर्वेदिक इलाज, सटीक दवाइयों और पंचकर्म की “शिरोधारा“ पद्धति के जादू ने कमाल कर दिया। वर्षों पुराना वह दर्द गायब हो गया जिसने उनकी रातों की नींद छीन रखी थी। दर्द से इस मुफ्ती ने सीमा के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है, जिसके लिए उन्होंने दिल से शासन-प्रशासन का आभार जताया है।

बदलती स्वास्थ्य व्यवस्था की सुखद तस्वीर

सीमा सिंह की यह मुस्कान सुकमा जिला प्रशासन के उन संजीदा प्रयासों का नतीजा है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए किए जा रहे हैं। अस्पताल में न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया गया, बल्कि पारंपरिक और बेहद असरदार  पंचकर्म चिकित्सा की भी शुरुआत की गई। प्रशासन की इसी विशेष पहल का असर है कि आज यह अस्पताल रविवार को छोड़कर सप्ताह के छह दिन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, जहाँ हर दिन औसतन 14 से 15 मरीज स्वस्थ जीवन की तरफ बढ़ रहे हैं।

बंदूकों के साए से बाहर, मुख्यधारा का सहारा

जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ सुकमा के युवाओं के पुनर्वास की भी एक अनूठी मिसाल पेश की है। कलेक्टर की विशेष पहल पर दो आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया और उन्हें इसी आयुष चिकित्सालय में “कलेक्टर दर“ पर सम्मानजनक रोजगार प्रदान किया गया। कभी गुमराह रहे इन युवाओं के हाथों को रोजगार देकर प्रशासन ने न सिर्फ उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा दी है, बल्कि जिले में शांति और विकास का एक नया अध्याय भी लिखा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का सुकमा मॉडल

सुकमा का आयुष चिकित्सालय आज सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उम्मीद और पुनर्वास का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। एक तरफ जहाँ असाध्य बीमारियों से जूझ रहे आम नागरिकों को सुकमा की वादियों में ही विश्वस्तरीय आयुर्वेदिक और पंचकर्म उपचार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भटके हुए युवाओं को रोजगार देकर देश की मुख्यधारा में वापस लाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्रांति और सामाजिक सुधार के इस बेजोड़ संगम ने साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा जैसे दूरस्थ अंचलों में भी संवेदनशीलता और सुशासन की नई इबारत लिखी जा सकती है।

You Might Also Like

खनिज माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान, अवैध परिवहन में लगे 21 वाहन जब्त

रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 3 जेसीबी सहित 5 वाहन व मशीनें जब्त

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी (ऑनर्स) की रिक्त सीटों के लिए काउंसिलिंग 14 से 16 अक्टूबर तक

राजस्व कार्यों और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही पड़ी भारी, महासमुंद में पांच पटवारी निलंबित

असम तक पहुंची गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की खुशबू , राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छाया विष्णु भोग चावल

Poonam Patel May 18, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article ’‘सुशासन तिहार’ बना सोनिया लकड़ा के चेहरे की मुस्कान का कारण’ बरसों का इंतजार हुआ खत्म, जनसमस्या निवारण शिविर में हाथों-हाथ मिला नया राशन कार्ड
Next Article बंगाल में शुभेंदु सरकार का महिलाओं को तोहफा, मिलेंगे हर माह 3 हजार रुपए, सरकारी बसों में फ्री यात्रा

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?