रायपुर। अमेरिका-इरान युद्ध के कारण देशभर में उत्पन्न ईंधन संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने नया फरमान जारी किया है। सरकार ने वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन को लेकर विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री विधायि व आयोग के पदाधिकारियों को अपने कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग करने व अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित करने कहा गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। शासकीय वाहनों के उपयोग में पेट्रोल व डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए।
विदेश यात्रा पर प्रतिबंध
राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा। इसके साथ ही विभागों को निर्देशित किया जाता है कि भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जावे। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअल व ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।
बिजली बचाने के लिए यह सुझाव
कार्यालय में ऊर्जा की बचत के लिए कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये। ई-ऑफिस एवं डिजिटल कार्यप्रणाली बैठकों में प्रिंटेड पेपर/बुकलेट्स के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके।
IGOT कर्मयोगी पोर्टल एवं प्रशिक्षण
भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के स्थान पर इस हेतु IGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके। जारी आदेश में कहा गया है कि यह सभी निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।



