एएलएआईएसए, एक एआई से संचालित ह्यूमनॉइड सपोर्ट एजेंट, शॉप-फ्लोर पर रियल-टाइम ट्रेनिंग, कामकाज से जुड़ा मार्गदर्शन और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करता है
रायपुर/ भारत की एक प्रमुख एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी और वेदांता एल्युमीनियम की इकाई, भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) ने एएलएआईएसए (एल्युमीनियम एआई सपोर्ट एजेंट) को शुरू किया है। यह अपनी तरह का पहला ह्यूमनॉइड, एआई से चलने वाला सहायक है, जिसे एल्युमीनियम निर्माण में शॉप-फ्लोर की क्षमता बढ़ाने, कामकाज की दक्षता सुधारने और औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्थित बाल्को के स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में संचालित एएलएआईएसए, शॉप-फ्लोर टीमों के लिए ऑन-ग्राउंड ट्रेनिंग, जानकारी और निर्णय लेने में मदद करने वाला एक इंटरफेस के रूप में काम करता है। यह सिस्टम बातचीत करने वाली एआई को प्लांट से जुड़ी संचालन संबंधी जानकारी के साथ जोड़ता है, जिससे स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपीएस), स्टैंडर्ड मेंटेनेंस प्रैक्टिसेस (एसएमपीएस) और महत्वपूर्ण सुरक्षा नियमों पर सीधे काम की जगह पर ही सही समय पर मार्गदर्शन मिलता है।
इसकी शुरुआत पर टिप्पणी करते हुए, वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, “डिजिटलीकरण तेजी से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बदल रहा है और वेदांता एल्युमीनियम में हम उन्नत तकनीकों को अपने मुख्य कामकाज में शामिल कर रहे हैं। एएलएआईएसए की तैनाती हमारे इस संकल्प को दर्शाती है कि हम ऐसे स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार सिस्टम बना रहे हैं, जो लोगों की क्षमता को बढ़ाएँ। एआई से मिलने वाली जानकारी और शॉप-फ्लोर के अनुभव को मिलाकर हम सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं, प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बढ़ा रहे हैं और कर्मचारियों को अधिक कुशल और आत्मविश्वासी बना रहे हैं।”
अपने शुरुआती चरण में, एएलएआईएसए ने 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया है। यह संरचित लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम सवालों के जवाब और इन-बिल्ट मूल्यांकन प्रणाली प्रदान करता है, जिससे सुपरवाइज़र कर्मचारियों की समझ और कौशल में हो रही प्रगति पर नजर रख सकते हैं। शॉप-फ्लोर के माहौल में लगातार और डेटा-आधारित सीखने को शामिल करके, यह सिस्टम प्रक्रियाओं को एक समान बनाने, सुरक्षा नियमों के पालन को मजबूत करने और तेज़ व चुनौतीपूर्ण औद्योगिक माहौल में कर्मचारियों की तैयारी को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है। शुरुआती कर्मचारियों की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि अब तकनीकी जानकारी तक पहुँच आसान हुई है, काम से जुड़े सवालों का समाधान जल्दी हो रहा है और लाइव ऑपरेशन के दौरान निर्णय लेने में आत्मविश्वास बढ़ा है।
एएलएआईएसए के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए, बाल्को के पीजीटी उदय चौहान ने कहा, “पॉटलाइन पर अपना काम शुरू करने से पहले मैंने एएलएआईएसए के माध्यम से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर पर सुरक्षा प्रशिक्षण लिया। यह एक शानदार अनुभव था। हालाँकि, यह एक रोबोट है, फिर भी इसका प्रशिक्षण किसी मानव ट्रेनर द्वारा दिए गए प्रशिक्षण जितना ही प्रभावी था।”
यह तैनाती भारत के मेटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे बाल्को को मुख्य मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई सिस्टम अपनाने वाली शुरुआती कंपनियों में जगह मिलती है। कंपनी भारत की पहली और दुनिया की चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जिसने डिजिटल स्मेल्टर तकनीकों को लागू किया है, जिससे प्रेडिक्टिव और प्रिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स संभव हो पाया है। इसके संचालन में 2,000 से अधिक उपकरणों पर एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और 600 मशीनों पर आईओटी आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग किया जा रहा है। खनन कार्यों में जियोफेंसिंग के साथ ऑटोनोमस ड्रोन के उपयोग से सुरक्षा, निगरानी और संचालन पर नियंत्रण और भी मजबूत हुआ है।
एएलएआईएसए कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन सुविधाओं तक फैली हुई है। ये सभी एकीकृत पहलें उन्नत एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और स्मार्ट सिस्टम्स का उपयोग करके संचालन की दक्षता बढ़ाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने और सुरक्षा प्रदर्शन को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।




