दुर्ग जिले के मुडपार-नारधा गांव के फर्म में 300 से ज्यादा सूअरों की मौत… फर्म सील
भिलाई। दुर्ग जिले में सूअरों में खतरनाक बीमारी अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर देखने को मिल रहा है। जिले के मुडपार नारधा गांव के एक फार्म में 300 से ज्यादा सूअरों की मौत होने के बाद इस बीमारी का पता चला। दरअसल सूअर पालन केन्द्र में रोजाना सूअरों की मौत हो रही है। फार्म के मालिक ने पशु पालन विभाग को सूचना दी। पशुपालन विभाग की टीम पहुंची और सूअरों का सैंपल कलेक्ट किया। इसके बाद भोपाल के हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब भेजा गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सोमवार की पशुपालन विभाग की टीम फर्म पहुंची। यहां 80 से ज्यादा सूअरों को इंजेक्शन देकर मारा गया और गाइडलाइन के अनुसार दफनाया गया।

बता दें दुर्ग जिले के नारधा-मुडपार सूअर पालन का एक प्रमुख केंद्र है। यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर सूअर पालन किया जा रहा था। इस फार्म से न केवल दुर्ग-भिलाई, बल्कि प्रदेश के कई अन्य हिस्सों और पड़ोसी राज्यों में भी सूअर मांस की सप्लाई की जाती थी। गांव स्थित सूअर फार्म में पल रहे सूअरों में जानलेवा अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया। सोमवार को दुर्ग जिले के पशुपालन विभाग की टीम बड़ी संख्या में मुडपार गांव पहुंची। बताया जा रहा है कि यहां पहले की सैकड़ों सूअरों की मौत हो गई। सूअरों का सैंपल भोपाल के हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब भेजा गया। सोमवार को रिपोर्ट आने के बाद विभाग की अलर्ट हुआ। फार्म के मालिक पीओ जॉय की मौजूदगी में पॉजिटिव आने वाले सूअरों को इंजेक्शन देकर मारा गया। इसके बाद सभी सूअरों को गाइड लाइन क अनुसार नष्ट किया गया। सभी मृत सूअरों को फार्म के पास ही सुरक्षित तरीके से दफनाया गया।
300 से ज्यादा सूअरो की मौत
फार्म के मालिक पीओ जॉय के मुताबिक उनके फार्म में लगभग 400 सूअर पल रहे थे। सूअरों में बीमारी की आशंका को देखते हुए पशु पालन विभाग को सूचित किया। पशु पालन विभाग द्वारा 29 मार्च को पहली बार सैंपल लिया गया और उसे भोपाल भेजा गया। इसके बाद 1 अप्रैल से सूअरों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। 6 अप्रैल आते-आते सैकड़ों सूअरों की मौत हो गई। सोमवार को पशु पालन विभाग की टीम सोमवार को पहुंची और फार्म में बचे सूअरों को इंजेक्शन देकर मार कर फार्म के पास दफनाया गया। फार्म के मालिक के अनुसार उन्हें इससे एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान हआ है।
सूअर से सूअरों में ही फैलता है यह वायरस
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर वसीम शम्स ने नारधा-मुडपार गांव के सूअर पालन केन्द्र में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि की है। उन्होंने श्रीकंचनपथ से चर्चा करते हुए बताया कि सूअरों की मौत के बाद सैंपल हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब भोपाल भेजा गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद फार्म में मौजूद 80 से ज्यादा सूअरों को गाइडलाइन के अनुसार नष्ट किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर केवल सूअरों को होता है और यह सुअर से सूअरों के बीच ही फैलता है। यह वायरल किसी अन्य जानवर या इंसान को इफेक्ट नहीं करता है। विभाग ने सूचना मिलने के बाद पूरी सतर्कता से काम किया। देर रात तक फार्म में पॉजिटिव सूअरों को नष्ट किया गया। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है और इसका कोई वैक्सीन भी नहीं है इसलिए इन्हें नष्ट किया जाना जरूरी होता है।




