उत्तर बस्तर कांकेर। जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी द्वारा बाबूदबेना स्थित आजीविका सेवा केन्द्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आजीविका केन्द्र को खेती की नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक, प्रदर्शनीय मॉडल, पशु पालन से संबंधित सामग्री, कृषि यंत्र एवं उन्नत बीज विभिन्न सरकारी योजनाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिला समूहों को लाभ मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से गरीब महिला किसानों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित इंटिग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) एवं आजीविका सेवा केन्द्र से ग्रामीण महिलाएं सशक्त हो रही हैं। आजीविका सेवा केन्द्र के माध्यम से महिलाओं को मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, फूल एवं सुगंधित धान की खेती, बकरी पालन तथा वनोपज जैसी विविध गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इस एकीकृत खेती मॉडल के तहत 16 गांवों की लगभग 1500 महिला किसानों को चयनित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस योजना के तहत कांकेर जनपद पंचायत अंतर्गत इंटिग्रेटेड फार्मिंग मॉडल महानदी महिला क्लस्टर संगठन माकड़ीखूना से बागोडार, सिदेसर, हाटकोंगेरा, भीरावाही तथा कंचन महिला क्लस्टर संगठन बारदेवरी से माटवाड़ा लाल, कोकपुर, बारदेवरी, किरगोली एवं जागरूक महिला कलस्टर संगठन धनेलीकन्हार से बाबूदबेना, पोटगांव, अंडी, मरकाटोला तथा आदर्श महिला कलस्टर संगठन गढ़पिछवाड़ी से चयनित गांव वेबरती, पटौद, पुसावंड, दसपुर समूह के दीदीयों को इंटिग्रेटेड फार्मिंग कलस्टर आईएफसी आजीविका वृद्धि कर महिलाओं को ’लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बाबूदबेना केन्द्र के माध्यम से 148 महिला किसानों को सब्जी बीज एवं मुर्गी चूजों का वितरण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कांकेर के सीईओ, बिहान टीम, क्षेत्रीय समन्वयक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहे।




