ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: वेदांता एल्युमीनियम ने एस एंड पी की सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में वैश्विक कंपनियों के शीर्ष 10% में जगह बनाई
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Other

वेदांता एल्युमीनियम ने एस एंड पी की सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में वैश्विक कंपनियों के शीर्ष 10% में जगह बनाई

By Om Prakash Verma
Published: March 12, 2026
Share
वेदांता एल्युमीनियम ने एस एंड पी की सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में वैश्विक कंपनियों के शीर्ष 10% में जगह बनाई
वेदांता एल्युमीनियम ने एस एंड पी की सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में वैश्विक कंपनियों के शीर्ष 10% में जगह बनाई
SHARE

11 फरवरी 2026 तक सीएसए का स्कोर 84/100 था; वैश्विक रैंकिंग में दूसरा स्थान
रायपुर/ भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम को एसएंडपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में दुनिया की टॉप 10% कंपनियों में शामिल किया गया है। कंपनी को यह स्थान कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (सीएसए) में 84/100 के मजबूत स्कोर के आधार पर मिला है। एल्युमीनियम उद्योग में कंपनी को पहली बार टॉप 10% कंपनियों में स्थान मिला है। इससे पहले भी कंपनी ने वैश्विक स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए एसएंडपी ग्लोबल सीएसए 2025 में लगातार तीसरे साल दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया था।

इस आकलन चक्र में 59 उद्योगों की 9,200 से अधिक कंपनियों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से केवल 848 कंपनियाँ ही वार्षिकी सदस्य बनने के लिए योग्य ठहराई गईं। टॉप 10% की मान्यता उन चुनिंदा कंपनियों को दी जाती है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में दुनिया भर की अन्य कंपनियों की तुलना में सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) के मामले में बेहतर प्रदर्शन करती हैं।

सतत विकास वार्षिक पुस्तक का आधार एस एंड पी ग्लोबल का कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (सीएसए) है, जो दुनिया की सबसे व्यापक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक) और शासन मूल्यांकन पद्धतियों में से एक माना जाता है। यह आकलन कंपनियों का मूल्यांकन पर्यावरण, सामाजिक और शासन से जुड़े कई मानकों के आधार पर करता है, जिनमें जलवायु कार्रवाई, पारदर्शिता, जोखिम प्रबंधन और जिम्मेदार व्यावसायिक आचरण जैसे पहलू शामिल होते हैं। इस सूची में वेदांता एल्युमीनियम का शामिल होना इन महत्वपूर्ण ईएसजी क्षेत्रों में कंपनी की लगातार प्रगति को दर्शाता है।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम, ने कहा,
“सतत विकास वार्षिक पुस्तक 2026 में दुनिया की टॉप 10% कंपनियों में शामिल होना वेदांता एल्युमीनियम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारे विकास की रणनीति में सस्टेनेबिलिटी केंद्रीय भूमिका निभाती है, जो यह तय करती है कि हम कैसे नवाचार करते हैं, अपने संचालन को आगे बढ़ाते हैं और अपने हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण करते हैं। यह मान्यता जिम्मेदार उत्पादन और निरंतर सुधार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, क्योंकि हम एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार एल्युमीनियम व्यवसाय बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

वेदांता एल्युमीनियम जलवायु कार्रवाई, संसाधनों के कुशल उपयोग, जिम्मेदार संचालन और सामुदायिक विकास से जुड़ी लक्षित पहलों के माध्यम से अपने ईएसजी प्रदर्शन को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

वित्तीय वर्ष 21 से अब तक जीएचजी उत्सर्जन तीव्रता में 8.96% की कमी आई है, जिससे उत्सर्जन घटकर प्रति टन एल्युमीनियम 17.01 टीसीओ₂ई रह गया है, जबकि कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार भी जारी रखे हुए है।
वित्तीय वर्ष 25 में 1.57 अरब यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया गया। कंपनी ने 2030 तक 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है, जो 2050 या उससे पहले नेट-ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में उसके प्रयासों का हिस्सा है।
फ्लाई ऐश का 100% उपयोग किया गया, जिसका इस्तेमाल सीमेंट निर्माण, सड़क निर्माण, ईंट बनाने और खदानों को भरने जैसे कार्यों में किया गया।
बॉक्साइट अवशेष (रेड मड) के लिए उन्नत सर्कुलर इकॉनमी समाधान, जिन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ शोध साझेदारी के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसमें रेड मड के उपयोग को मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, कृषि और भूमि पुनर्स्थापन जैसे कार्यों में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

पीडब्ल्यूसी के साथ सहयोग में आवास (हैबिटैट) विकास और जैव विविधता पुनर्स्थापन परियोजनाएँ, जिनका उद्देश्य संचालन क्षेत्रों में कार्बन सिंक को मजबूत करना और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन को बढ़ावा देना है।
जल संरक्षण और पुनर्चक्रण की व्यापक पहलें, जिनमें सभी संचालन में पानी का उच्च स्तर पर पुनर्चक्रण और कई संयंत्रों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली शामिल है। इससे मीठे पानी पर निर्भरता में काफी कमी आई है।
वित्त वर्ष25 में 14.6 मिलियन टन से अधिक कचरे को पुनर्चक्रित और पुनः उपयोग किया गया, जिससे सह-उत्पादों के उपयोग और सर्कुलर मैन्युफैक्चरिंग प्रथाओं के माध्यम से संसाधनों के कुशल उपयोग को मजबूत किया गया।
सामुदायिक विकास की पहलें वर्तमान में ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 17.5 लाख से अधिक महिलाओं और बच्चों तक पहुँच रही हैं। इन पहलों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, टिकाऊ आजीविका और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं, जो आसपास के क्षेत्रों में लागू किए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव और अधिकारियों ने किया श्रमदान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गार्डन में झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश
घर पर बनाएं ठंडी और टेस्टी संडे आइसक्रीम, ये हैं 5 आसान रेसिपी
बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियां जोरों पर, अब तक 3.09 लाख खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
Breaking News : भिलाई-3 में चलती कार में लगी आग… चालक ने भागकर बचाई जान
त्योहारों पर अवकाश नहीं, एनएसयूआई ने जताई नाराजगी
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article सफल ऑपरेशन के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है पीहू ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से बिलासपुर की पीहू को मिला नया जीवन
Next Article पर्यावरण से आगे भारत के विकास का बड़ा अवसर 'कार्बन क्रेडिट'- डॉ. अतुल मलिकराम, राजनीतिक रणनीतिकार पर्यावरण से आगे भारत के विकास का बड़ा अवसर ‘कार्बन क्रेडिट’- डॉ. अतुल मलिकराम, राजनीतिक रणनीतिकार

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?