नईदिल्ली। पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट का असर भारत में दिखने लगा है। खासकर घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अब झटका लगने वाला है। 15 दिन में मिलने वाला गैस सिलिंडर अब 25 दिन के अंतराल में मिलेगा। यह संकट अमेरिका, ईरान, इस्राइल के बीच चल रही तनातनी के चलते उत्पन्न हुआ है। डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के मुताबिक बुकिंग के नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सिंगल सिलिंडर कनेक्शन के लिए अब 21 दिन से पहले दोबारा बुकिंग नहीं कराई जा सकेगी, जो पहले 15 दिन पर होती थी। डबल सिलिंडर कनेक्शन वाले 25 दिन के अंतराल के बाद ही बुकिंग कर सकेंगे।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने देश की तेल रिफाइनरियों को एलपीजी यानी रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए। सरकार का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होती है तो सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी की जाएगी। इसी उद्देश्य से घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतर अनिवार्य किया गया है। यह कदम जमाखोरी और घबराहट में ज्यादा सिलेंडर बुक करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए उठाया गया है।
उद्योग और होटल सेक्टर पर पड़ सकता है असर
सरकार ने गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति की भी समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार होटल, रेस्तरां और उद्योगों को मिलने वाली गैस की आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है। यदि स्थिति और बिगड़ती है तो घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए इन क्षेत्रों में आपूर्ति सीमित की जा सकती है। हालांकि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति जारी रखी जाएगी। सरकार फिलहाल एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, वितरण व्यवस्था को सख्त करने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि रसोई गैस देश के करोड़ों परिवारों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी है, इसलिए सरकार इस आपूर्ति को किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होने देना चाहती।




