भिलाई। सहायक ग्रेड-3 एवं एनटीपीसी में एई पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने एनटीपीसी के एई पद का फर्जी नियुक्ति पत्र ई-मेल के माध्यम से भेजा था। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 120(बी) भादवि के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

इस मामले में रविकांत साहू, निवासी बोरीगारका थाना उतई जिला दुर्ग द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि पद्मनाभपुर निवासी प्रिया देशमुख व प्रशांत देशमुख ने मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 पद पर नौकरी लगाने का झांसा दिया। उक्त प्रयास सफल न होने पर प्रार्थी को एनटीपीसी में एई (Assistant Engineer) पद पर नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया गया। आरोपियों द्वारा किस्तों में कुल 10,00,000 रुपए प्राप्त कर फर्जी नियुक्ति पत्र ई-मेल के माध्यम से भेजा।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पदमनाभपुर में अपराध क्रमांक 143/2026 धारा 420, 467, 468, 120(बी) भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी प्रिया देशमुख, उम्र 36 वर्ष, निवासी न्यू आदर्श नगर थाना पदमनाभपुर को विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रकरण के सह-आरोपी प्रशांत कुमार देशमुख, उम्र 49 वर्ष, निवासी न्यू आदर्श नगर दुर्ग को दिनांक 01.03.2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। उक्त कार्यवाही में थाना पदमनाभपुर के निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक एवं साइबर सेल टीम की सक्रिय एवं तकनीकी सहयोगपूर्ण भूमिका रही, जिनके द्वारा त्वरित विवेचना कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी शासकीय व अर्धशासकीय संस्था में नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि की मांग करने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। इस प्रकार के अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।




