5236 करोड़ की लागत से 231 किलोमीटर रेलखंड का दोहरीकरण
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की गोंदिया–जबलपुर दोहरी रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹5,236 करोड़ है तथा इसे 5 वर्षों की अवधि में पूर्ण किया जाएगा।

गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना गोंदिया पर हावड़ा–मुंबई उच्च घनत्व रेल मार्ग तथा जबलपुर पर इटारसी–वाराणसी उच्च उपयोगिता रेल मार्ग को जोड़ती है । यह प्रयागराज एवं वाराणसी से चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद की ओर सबसे छोटा रेल मार्ग उपलब्ध कराएगी, जिससे उत्तर–दक्षिण रेल संपर्क को सुदृढ़ता मिलेगी।
प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत नियोजित यह परियोजना एकीकृत योजना एवं बहुआयामी संपर्क को सुदृढ़ करेगी। गोंदिया–जबलपुर दोहरी रेल लाइन परियोजना से न केवल रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक–आर्थिक विकास, रोज़गार के अवसरों और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी नई गति मिलेगी।
परियोजना का विवरण एवं प्रमुख विशेषताएं
- रेलखंड लंबाई : 231 किलोमीटर
- जिले : गोंदिया (महाराष्ट्र), जबलपुर, मंडला, सिवनी एवं बालाघाट (मध्य प्रदेश)
- वन्यजीव संरक्षण : वन्यजीव अंडरपास एवं फेंसिंग के लिए ₹450 करोड़ का प्रावधान
परियोजना से होने वाले प्रमुख लाभ
- यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन में वृद्धि तथा रेल क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार
- प्रमुख तीर्थ स्थलों अयोध्या धाम, वाराणसी, प्रयागराज, रामेश्वरम, मदुरै आदि—के लिए बेहतर एवं सुगम रेल संपर्क
- प्रमुख पर्यटन स्थलों कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, पेंच टाइगर रिज़र्व, कचनार शिव मंदिर, गांगुलपारा बाँध, धुआंधार जलप्रपात आदि तक आसान आवागमन
- विद्युत संयंत्रों, आयुध निर्माणी, खनन क्षेत्रों जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को बेहतर रेल सुविधा
- अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता 7.6 मिलियन टन प्रतिवर्ष
- पर्यावरणीय लाभ के तहत प्रति वर्ष लगभग 16 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी, जो लगभग 63 लाख वृक्षारोपण के समतुल्य है
- लगभग ₹350 करोड़ प्रतिवर्ष तक परिवहन लागत में बचत
- लगभग 78 लाख मानव-दिवस का रोज़गार सृजन




