भिलाई। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ निलंबित आरक्षक अरविंद कुमार मेन्ढे को बर्खास्त कर दिया है। आरक्षक ने पिछले दिनों क्षेत्र की एक महिला पर सेक्स के लिए दबाव बनाया था। महिला की शिकायत पर जांच हुई और उसके बाद आरक्षक को निलंबित कर दिया गया। निलंबन क बाद से ही आरक्षक फरार बताया जा रहा है। इस बीच एसएसपी अग्रवाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित आरक्षक अरविंद को बर्खास्त कर दिया है।
दरअसल पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र की एक महिला जेल में बंद अपने बेटे को छुड़ाने में मदद के लिए आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे के संपर्क में आई थी। आरक्षक ने महिला को भरोसा दिलाया कि वह उसके बेटे को जेल से छुड़ाने में मदद करेगा। इसके एवज मे आरक्षक ने महिला से सेक्स करने की डिमांड रखी। 18 नवंबर 2025 को आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे ने प्रार्थिया को शाम 7 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 56 मिनट के बीच तीन बार अपने मोबाइल फोन से कॉल किया और चरोदा बस स्टैंड के पास बुलाया। यहां से अरविन्द ने पीड़िता को अपने वाहन से रेलवे स्कूल के पास फाटक पार कर सूनसान जगह पर ले जाकर अनैतिक कृत्य किया।
इस मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे के खिलाफ अपराध कायम कर निलंबित कर दिया गया। जांच के बाद निलंबित आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे का आचरण पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64 सेवा की सामान्य शर्तें व सिविल सेवा ( आचरण ) 1965 नियम के विपरित पाया गया। इसे देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के खंड ( 2 ) के उपखंड ख के अधीन प्रदत्त शक्तियों के आधार पर आधार क्रमांक 1211 अरविन्द कुमार मेन्ढे को निलंबन से बहाल करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
हाईकोर्ट ने खारिज की थी अग्रिम जमानत याचिका
आरक्षक अरविंद मेन्ढे ने पुरानी भिलाई थाने में अपराध दर्ज होने के बाद गिरफ्तार से बचने बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका भी दायर की थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और उसके बाद आरक्षक अरविंद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट ने माना कि आरक्षक अरविंद मेन्ढे ने अपने पद का दुरुपयोग किया और गरीब महिला से अनैतिक मांग की। यदि इन्हें जमानत दिया गया तो वे इस केस को प्रभावित कर सकते हैं। चीफ जस्टिस ने यह कहते हुए जमानत याचिका खारीज कर दी।
2008 में पुलिस आरक्षक बना था अरविंद मेन्ढे
उल्लेखनीय है कि अरविन्द कुमार मेन्ढे 18 अगस्त 2008 में पुलिस आरक्षक के रुप में शासकीय सेवा से जुड़ा था। वह 28 जून 2021 से पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ पदस्थ था। उसके खिलाफ थाना पुरानी भिलाई में एक महिला की रिपोर्ट पर धारा 64 ( 2 ) ( ए ) ( आई ) बीएनएस का प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण के आरोपी आरक्षक अरविन्द कुमार मेन्ढे शासकीय सेवक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध होने पर सेवा शर्तों एवं आचरण नियमों के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक जांच कराई गई। इसके बाद उसे निलंबित किया गया। निलंबित आरक्षक अरविन्द का कथन लिपिबद्ध करने 16 दिसंबर 2025 कोई नोटिस जारी किया गया। वह 19 नवंबर 2025 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित था। अब एसएसपी ने उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया।



