जगदलपुर। आईईडी ब्लास्ट में शहीद एएसपी आकाश राव गिरीपुंजे के मामले में राज्य अन्वेषण अभिकरण (एसआईए) ने अभियोग पत्र पेश कर दिया है। इस मामले में राज्य अन्वेषण अभिकरण (एसआईए) ने शुरू की थी। जांच के बाद अब इस घटना में चार नक्सलियों को हत्या का आरोपी मानते हुए दंतेवाड़ा एनआईए विशेष कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया गया है।

बता दें कि 9 जून की सुबह 9 बजे कोंटा थाना से करीब 3.5 किमी. और कोंटा-सुकमा मुख्य मार्ग से लगभग 700 मीटर अंदर डोंड्रा के पास एक एक आईईडी विस्फोट में कोंटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरीपुंजे शहीद हो गए थे। जबकि दो अन्य अधिकारी घायल हो गए थे। एएसपी आकाश राव गिरीपुंजे, एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर, कोंटा थाना प्रभारी निरीक्षक सोनल गवला एवं अन्य जवान डोंड्रा में 8 जून 2025 की रात एक जेसीबी मशीन की आगजनी की सूचना की जांच पर गए थे।
निरीक्षण करते समय एक आईईडी विस्फोट हुआ, जिसमें अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। एएसपी आकाश राव बुरी तरह घायल हो गए थे, उन्हें दोनों पैरों के घुटनों के नीचे तक गंभीर चोटें आईं। घायल अधिकारियों को तुरंत कोंटा अस्पताल ले जाया गया, जो विस्फोट स्थल से मात्र 3 किमी. की दूरी पर है। डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद एएसपी आकाश राव को बचाया नहीं जा सका। इस मामले में दंतेवाड़ा एनआईए विशेष कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया गया। चार नक्सलियों को हत्या का आरोपी माना गया, राज्य अन्वेषण अभिकरण (एसआईए) ने जांच शुरू करते हुए कोंटा एरिया कमेटी के नीलामड़गू के जनमिलिशिया अध्यक्ष सोड़ी देवा, कुंजाम देवा, सोड़ी गंगा और मुचाकी लखमा को गिरफ्तार किया गया था।




