भिलाई। सुपेला थाना क्षेत्र के मौर्या-चंद्रा टॉकीज के पास अंडरब्रिज की नाले में मिली बंद बोरे में लाश का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस मृतका के लीव इन पार्टनर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला की हत्या 5 दिसंबर को की गई थी और उसे ठिकाने लगाया गया। पुलिस को महिला की लाश 13 दिसंबर को मिली थी। गुरुवार को इस मामले का खुलासा एएसपी सुखनंदन राठौर ने पुलिस कंट्रोल रूम में किया।
दरअसल पुलिस को 13 दिसंबर को सूचना मिली कि चन्द्रा मौर्या टाकिज अंडर ब्रीज के पास कार सर्विसिंग सेन्टर के सामने स्थित नाले में बोरे में बंद महिला का शव है। घटना स्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों सहित एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची थी। सुपेला पुलिस ने धारा 103, 238 बीएनएस का प्रकरण पंजीबद्ध जांच शुरू की। पुलिस के पास पहले मृतका के शिनाख्ती की चुनौती थी। पुलिस ने मृतका की शिनाख्त के लिए टीमों को लगाया और शव के कुछ पहचान चिह्न वायरल किए।
मृतका की हुई शिनाख्त
कृष्णा नगर सुपेला निवात्ती आमरौतिन पति योगेश निर्मलकर 17 दिसंबर को सुपेला थाने पहुंचे। मृतिका की फोटो गोदना चुड़ियों, देखकर प्राथमिक तौर पर मृतिका को आरती उर्फ भारती निर्मलकर के रूप में पहचान की। मेडीकल कालेज कचान्दूर में शव को सुपुर्दनामें में लेकर अन्त्येष्टि किया गया। आमरौतिन ने पुलिस को बताया कि आरती पहले अपने दो पतियों को छोड़ चुकी थी और विगत 4-5 महिनों से कोसानगर सुपेला भिलाई तुलाराम बंजारे के साथ लीव-इन में रह रही थी। वह शराब व गुटखा खाने की आदी थी।
पूछताछ में हुआ हत्या का खुलासा
पुलिस ने मृतका आरती के लीव इन पार्टनर तुला राम बंजारे से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आया। उसने बताया कि 4-5 माह पूर्व से यह आरती उर्फ भारती को अपने घर लाया था। पति पत्नि जैसे रहते थे शराब की आदि थी नशे में आरती उर्फ भारती बेकाबू हो जाती थी। किसी से भी वाद विवाद करती थी और नशे में कही भी पड़े रहती थी। अक्सर वह जेब से पैसा निकालकर शराब पीने चली जाती थी जिससें यह काफी परेशान था।
शराब के नशे में विवाद और उसके बाद हत्या
5 दिसंबर को तुलाराम ने आरती के साथ अपने घर में शराब पी और बचा हुआ खाना खाया। इसी दौरान इसका विवाद आरती से हो गया। दोनों नशे में थे। आरती गाली गलौच हाथा पायी में उतारू हो गई थी। इस दौरान गुस्से में तुलाराम ने आरती को थप्पड़ मारकर उसका सिर दीवार पर दे मारा। जिससे आरती जमीन पर गिर गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद तुलाराम ने आरती के शव घुटनों से मोड़कर प्लास्टिक के रस्सी के बांधा और बोरी में बंद कर उपर काला प्लास्टिक लपेट दिया था।
भाई व दोस्त के साथ लगाया ठिकाने
इसके बाद घटना की जानकारी तुलाराम ने अपने भाई गोवर्धन प्रसाद बंजारे व साथी आटो चालक शक्ति भौयर को बताया और दोनों को लाश को ठिकाने लगाने तैयार किया। रात करीब तीन बजे तीनों शाक्ति की आटो में शव रखा और चन्द्रा मौर्या अन्डर ब्रीज के पास नाली में फेंककर वापस कोसानगर चले गये। अगले दिन तुला राम ने अपनी माँ को अपने घर बुला लिया था। घटना के बाद तुला रमा बंजारे ने अपने मोहल्ले में प्रचारित किया कि आरती अपने पिता का ईलाज कराने नागपुर चली गई है। इसलिये उसने अपनी माँ को कृष्णा नगर से अपने घर कोसानगर बुला लिया है। तुलाराम बंजारे पूर्व में भी हत्या और मारपीट के प्रकरण में जेल जा चुका है। पूछताछ के बाद घटना स्थल तुला राम के घर से घटना के साक्ष्य टूटी हुई चुड़ियों रस्सी का तुकड़ा जप्त किया गया। आरोपी तुला राम बंजारे, गोवर्धन बंजारे, शाक्ति भौयर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।




