रायपुर। सिंधी व अग्रवाल समाज के आराध्य देवों के बारे में अभद्र टिप्पणी के मामले में बीते 26 दिनों से फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमित बघेल शुक्रवार को सरेंडर करने पहुंचा था और इसकी सूचना भी दी गई थी लेकिन पुलिस ने थाना पहुंचने से पहले ही उसे गिरफ्तार लिया। गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने बघेल को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
बता दें 26 अक्टूबर को रायपुर के वीआईपी चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने से यह विवाद शुरू हुआ। 27 अक्टूबर अमित बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देव झूलेलाल के संदर्भ में विवादित टिप्पणी की थी। अमित बघेल के इस बयान के बाद अग्रवाल समाज व सिंधी समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। अमित बघेल के खिलाफ देवेन्द्र नगर थाना व सिटी कोतवाली में एफआईआर हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों में भी अमित बघेल के खिलाफ अलग अलग एफआईआर हैं।
26 दिनों से था फरार
छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में एफआईआर के बाद अमित बघेल 26 दिन से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके ऊपर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। फरारी के बीच उसने अग्रिम जमानत के लिए याचिका भी लगाई लेकिन कोर्ट से राहत नहीं मिली। इसके बाद देश के अलग अलग हिस्सों में दर्ज एफआईआर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिफ्ट करने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जिसे कोर्ट ने खारिज कर सभी जगह पुलिस की कार्रवाई का सामना करने का निर्देश दे दिया। 26 दनों की फरारी के बाद अमित बघेल ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया। शुक्रवार को ही अमित बघेल की मां का निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक ग्राम पथरी में होगा। अमित बघेल पुलिस की हिरासत में ही मां के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
समर्थकों ने किया प्रदर्शन
अमित बघेल की गिरफ्तारी के दौरान बघेल के समर्थकों ने आमापारा जी रोड को जाम कर दिया। करीब 2 घंटे तक दोनों तरफ की रोड जाम रही। इसके बाद पुलिस में एक्शन लेते हुए एक तरफ की रोड खोल दी है। जाम की वजह से आम लोगों को मुश्किलें हुई। मौके पर मौजूद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला महामंत्री मनोज साहू ने आरोप लगाया कि बघेल ने स्वयं सरेंडर की सूचना पुलिस को दी थी, फिर भी पुलिस ने अनावश्यक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न की। उनका कहना था कि बघेल छत्तीसगढ़ की संस्कृति के समर्थक हैं और उन्हें जल्द राहत मिलनी चाहिए।




