रायपुर। डीएमएफ और आबकारी मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने रविवार की सुबह छत्तीसगढ़ के 20 अलग अलग जगहों पर छापेमारी की है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में यह छापेमारी की गई है। जहां अधिकारियों और कारोबारियों के घरों और दफ्तरों पर दबिश दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 2019-20 में डीएमएफ सप्लाई के दौरान हुए घोटालों को लेकर जांच की जा रही है। यह जांच पूरे प्रदेश में एसीबी की बड़ी रेड मानी जा रही है। यह पूरा मामला शराब और डीएमएफ घोटाले को लेकर की जा रही है। जहां रायपुर से लेकर जगदलपुर तक छापेमारी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में 20 स्थानों पर एसीबी की रेड एक साथ की गई है। कुछ दिन पहले भी इसी तरह छत्तीसगढ़ में आबकारी और डीएमएफ घोटाले के मामले में एसीबी और ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की थी।
जगदलपुर में आबकारी विभाग के सेवानिवृत अधिकारी निरंजन दास के ठिकाने पर छापेमारी के लिए टीम पहुंची है। निरंजन दास के भाई चितरंजन दास के मैत्री संघ गली स्थित आवास में दस्तावेज खंगाल रही है। राज्य आबकारी विभाग के तत्कालीन आयुक्त सेवानिवृत्त आईएएस निरंजन दास आबकारी घोटाले मामले में आरोपी है। सरगुजा में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर रेड की। टीम यहां वित्तीय लेन-देन और विभागीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। कोंडागांव के सरगीपाल निवासी कोणार्क जैन के घर रविवार की सुबह एसीबी की टीम ने छापा मारा। पूरे घर को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। करीब 2 घंटे से अधिक समय से कार्रवाई चल रही है। जांच के तहत दस्तावेजों और कम्प्यूटरीकृत रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।




