ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: जैव विविधता दिवस: अपने प्रचालन में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक आवासों को बहाल करने के लिए वेदांता एल्युमीनियम की पहल
Share
Notification Show More
Latest News
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
September 28, 2026
बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल
September 28, 2026
बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री चौधरी, बोले- हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार
September 28, 2026
बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास
बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास
September 28, 2026
धान खरीदी नीति से लेकर जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की हुई समीक्षा
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश
September 28, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsBusinessFeatured

जैव विविधता दिवस: अपने प्रचालन में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक आवासों को बहाल करने के लिए वेदांता एल्युमीनियम की पहल

By Om Prakash Verma Published May 22, 2025
Share
जैव विविधता दिवस: अपने प्रचालन में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक आवासों को बहाल करने के लिए वेदांता एल्युमीनियम की पहल
जैव विविधता दिवस: अपने प्रचालन में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक आवासों को बहाल करने के लिए वेदांता एल्युमीनियम की पहल
SHARE

380 से अधिक पशुओं और 940 से अधिक पौधों की प्रजातियों की जैव विविधता के साथ वेदांता एल्युमीनियम विज्ञान-आधारित संरक्षण और सामुदायिक कार्रवाई के माध्यम से जैव विविधता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है
रायपुर/ अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने अपने प्रचालन क्षेत्रों में जैव विविधता को संरक्षित करने और प्राकृतिक आवासों को बहाल करने के लिए कई समर्पित पहलों की घोषणा की है। कंपनी ने कई तरह के उपाय किए हैं, जैसे कि एक हज़ार से ज्यादा सरीसृपों और छोटे वन्यजीवों को बचाना और उन्हें सुरक्षित तरीके से छोड़ना, हरित पट्टी विकसित करना, तालाबों की सफाई के लिए अभियान चलाना, देशी प्रजातियों को फिर से लाना, बड़े पैमाने पर वनरोपण के प्रयास शुरू करना और पारिस्थितिकी संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय समुदायों में शैक्षिक आउटरीच कार्यक्रम लागू करना।

इस वर्ष की थीम है ’प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास’। यह थीम औद्योगिक विकास को पारिस्थितिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ने की वेदांता एल्युमीनियम की प्रतिबद्धता को प्रतिध्वनित करती है। वेदांता एल्युमीनियम ने अपने प्रचालन स्थलों पर मौजूदा जैव विविधता प्रबंधन योजनाओं को संशोधित करने के लिए पीडब्ल्यूसी इंडिया के साथ साझेदारी की है। ये योजनाएँ वेदांता की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बहाल करने और ’नो नेट लॉस’ (एनएनएल) हासिल करने के लिए जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके।

पिछले वर्ष की उपलब्धियों और वेदांता एल्युमीनियम की जैव विविधता संबंधी मौजूदा पहलों के बारे में वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, ’’जैव विविधता के लिए हमारी प्रतिबद्धता अनुपालन से कहीं आगे जाती है, यह हमारे संचालन के मूल में समाहित है। पिछले एक साल के दौरान हमने अपनी साइट्स के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्रों की सुरक्षा और पोषण में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आगे बढ़ते हुए हम भावी पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक पर्यावरणीय विरासत को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और साथ ही अपने साझेदारों और समुदायों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जैव विविधता हमारे विकास पथ के केंद्र में बनी रहे।’’

ओडिशा के झारसुगुडा में, जहाँ वेदांता एल्युमीनियम का विशाल एल्युमीनियम संयंत्र है। कंपनी की टीम अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस समारोह के तहत 30 गाँवों में तालाब जीर्णोद्धार गतिविधियाँ आयोजित कर रही है। समुदाय द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य जल की गुणवत्ता में सुधार करना और स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को सहयोग देना है, जो पर्यावरण और समुदाय दोनों के कल्याण में सुधार के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को पुख्ता करता है। इलाके की हरियाली को और समृद्ध बनाने के लिए सड़क के दोनों ओर 1.2 किलोमीटर तक फैले एक एवेन्यू वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, झारसुगुडा में दो उद्यानों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की योजनाएँ चल रही हैं, जिससे समुदाय के आनंद के लिए जीवंत एवं हरे-भरे स्थान तैयार होंगे।

ओडिशा के सुंदरगढ़ में अपने जामखानी कोयला प्रचालन में, वेदांता एल्युमीनियम ने वनरोपण की अभिनव मियावाकी पद्धति को अपनाया है, जिसमें तेजी से बढ़ने वाले, आत्मनिर्भर वन बनाने के लिए उच्च घनत्व पर देशी वृक्षों, उप-वृक्षों और झाड़ियों का विविध मिश्रण लगाया गया है। परियोजना की शुरुआत खदान की परिधि के साथ 18 हेक्टेयर में 3.65 लाख पौधों के साथ हुई। यह हरित पट्टी जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में काम करेगी और खनन क्षेत्रों में पुनर्योजी पर्यावरणीय अभ्यास के लिए एक मॉडल बनेगी।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित वेदांता एल्युमीनियम की इकाई बाल्को में प्रशिक्षित स्नेक-हैंडलर्स की एक समर्पित एनिमल रेस्क्यू टीम स्मेल्टर, टाउनशिप व आस-पास के इलाकों में एक रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट के रूप में काम करती है। वन्यजीवों और लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित इस टीम ने पिछले साल एक हज़ार से ज्यादा साँपों और अन्य छोटे जानवरों को बचाया और उन्हें सुरक्षित तरीके से छोड़ा। इसके अलावा, 60 हेक्टेयर से ज्यादा बंद पड़े टेलिंग डैम को सिरस, शीशम, करंज, गुलमोहर और नीम जैसी देशी प्रजातियों के पौधे लगाकर फिर से बनाया गया है।

वेदांता एल्युमीनियम पर्यावरण शिक्षा व सामुदायिक भागीदारी पर भी ज़ोर देता है। स्थानीय स्कूली बच्चों और कर्मचारियों के परिवारों के लिए नियमित आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें उन्हें वृक्षारोपण अभियान, प्रकृति की सैर और ’हग-ए-ट्री’ और मानव-श्रृंखला जैसी जागरूकता गतिविधियों में शामिल किया जाता है। ये पहल अगली पीढ़ी के बीच प्रकृति के प्रति गहरी चेतना को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

वन्यजीव बचाव और आवास बहाली से लेकर वैज्ञानिक वनरोपण और सामुदायिक सहभागिता तक इन व्यापक पहलों के माध्यम से, वेदांता एल्युमीनियम सतत विकास में उद्योग के मानक स्थापित करना जारी रखता है। कंपनी के चल रहे प्रयास इस विश्वास को दर्शाते हैं कि आर्थिक प्रगति और पारिस्थितिक संरक्षण को साथ-साथ चलना चाहिए, ताकि सभी के लिए हरियाली और अधिक लचीला भविष्य सुनिश्चित हो सके। कंपनी का विज़न है ’ट्रांसफॉर्मिंग फॉर गुड’, जिसके तहत वह धरती की बेहतरी की दिशा में काम कर रही है।

You Might Also Like

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री चौधरी, बोले- हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार

बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

Om Prakash Verma May 22, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article shreekanchanpath 218 # 22 May 2025
Next Article छत्तीसगढ़ के पांच रेलवे स्टेशनों का पीएम मोदी ने किया लोकार्पण, अंबिकापुर से वर्चुअली जुड़े सीएम साय, बोले- यह सरगुजा का सौभाग्य

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?