ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: रणभूमि में नहीं होता किसी का स्पेशल स्टैटस
Share
Notification Show More
Latest News
दूसरे के नाम पर वाहन फाइनेंस कर बेच देते थे शातिर, दो आरोपी गिरफ्तार, 10 लाख के 9 वाहन बरामद
September 24, 2026
वीबी जीरामजी अंतर्गत जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, 99 फीसदी परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज
September 24, 2026
शासकीय शालाओं में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित
September 24, 2026
युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री साय
September 24, 2026
ग्राम सभाओं में 2 अक्टूबर से तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना… ग्रामीणों से होगा सीधा संवाद
September 24, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: रणभूमि में नहीं होता किसी का स्पेशल स्टैटस

By Om Prakash Verma Published May 3, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
आप नर और नारी तभी तक हैं जब तक आप समाज के बनाए उन नियमों को मानते हैं जिसमें दोनों की भूमिका अलग-अलग थी। प्रतिस्पर्धा के धरातल पर यह स्पेशल स्टैटस अपने-आप खत्म हो जाता है। महाभारत के युद्ध में बालक अभिमन्यु ने भी हिस्सा लिया था। उन्हें सिर्फ योद्धा ही माना गया। महारथियों ने घेर कर उसका वध कर दिया। किसी ने भी उन्हें बच्चा समझकर छोड़ नहीं दिया। आज कई देशों की सेना में महिलाएं हैं। वे खतरनाक फाइटर प्लेन उड़ाती हैं। तो क्या दुश्मन केवल इसलिए उनपर राकेट या मिसाइल हमला नहीं करेगा कि उसे महिला उड़ा रही है। जवान पुलिस का हो, अर्धसैनिक बल का हो या नक्सलवादी, गोलियां कोई भेदभाव नहीं करतीं। एक ही परीक्षा की तैयारी कर रहे दो विद्यार्थियों में छात्र-छात्रा का कोई भेद नहीं होता। मुकाबला बराबरी का होता है। यही बात राजनीति पर भी लागू होती है। इंदिरा, सोनिया, ममता, मायावती, आदि ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जिन्हें तरह-तरह के आरोपों से बार-बार जख्मी किया गया। किसी ने भी कभी महिला होने की आड़ नहीं ली। कभी स्पेशल प्रोटेक्शन की मांग नहीं की। कभी यह नहीं कहा कि एक महिला के खिलाफ आप इस तरह की बातें नहीं कर सकते। एक बार आप इस अखाड़े में उतरे तो आपको इन सभी बातों के लिए तैयार रहना चाहिए जो किसी भी नेता पर लागू होती हैं। आरोप लगाने वाले यह नहीं देखते कि नेता महिला है या पुरुष। ऐसे में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा का रोना-गाना और भाजपा का इस घटना को महिला सम्मान से जोडऩा, दोनों ही समझ में नहीं आता। दोनों के अधिकार समान हैं। दरअसल, बयानबाजी को ही देश में राजनीति समझ लिया गया है। प्रिंट मीडिया से लेकर विजुअल मीडिया तक का सारा वक्त इसी को कवर करने में खप जाता है। पार्टी की तरफ से बयानबाजी का यह अधिकार प्रवक्ता को भी दिया जाता है। उसके बयान को पार्टी का बयान माना जाता है इसलिए मीडिया भी उसे खूब तवज्जो देती है। इसके चलते कभी-कभी प्रवक्ता खुद को ही नेता समझने लगते हैं। सारी गड़बड़ी यहीं से शुरू होती है। नेता बने ये प्रवक्ता एक दूसरे के कार्यक्षेत्र में दखलअंदाजी करना शुरू कर देते हैं और फिर उनके बीच इगो की लड़ाई शुरू हो जाती है। इगो की इस लड़ाई का लोग मजा लेते हैं। बात मजा लेने तक ही सीमित रहे तो कोई बात नहीं, पर इसे लेकर आंसुओं की लड़ाई शुरू हो जाए तो पुरुष बेचारा कहां जाए। उसे तो बचपन से सिखाया गया है कि मर्द को दर्द नहीं होता, मर्द रोते नहीं हैं। पुरुषों को ऐसी स्थिति से बचाने के लिए ही शायद उनका ऐसा चित्रण किया गया है जिसमें या वे ध्यानमग्न रहते हैं या फिर योगनिद्रा में लीन हो जाते हैं। वो इस बेकार की बहस में उलझना ही नहीं चाहते जिसमें उनकी हार निश्चित होती है।

You Might Also Like

दूसरे के नाम पर वाहन फाइनेंस कर बेच देते थे शातिर, दो आरोपी गिरफ्तार, 10 लाख के 9 वाहन बरामद

वीबी जीरामजी अंतर्गत जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, 99 फीसदी परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज

शासकीय शालाओं में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित

युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री साय

ग्राम सभाओं में 2 अक्टूबर से तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना… ग्रामीणों से होगा सीधा संवाद

Om Prakash Verma May 3, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article फर्नीचर व्यापारी ने अपनी दुकान के सामने खुद को लगाई आग, उपचार के दौरान हुई मौत
Next Article लोकसभा चुनाव : दुर्ग सहित 7 जिलों में ड्राईडे, पांच मई की शाम से 7 मई तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?