ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: मैम! मे आई गो टू टॉयलेट?
Share
Notification Show More
Latest News
दूसरे के नाम पर वाहन फाइनेंस कर बेच देते थे शातिर, दो आरोपी गिरफ्तार, 10 लाख के 9 वाहन बरामद
September 24, 2026
वीबी जीरामजी अंतर्गत जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, 99 फीसदी परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज
September 24, 2026
शासकीय शालाओं में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित
September 24, 2026
युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री साय
September 24, 2026
ग्राम सभाओं में 2 अक्टूबर से तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना… ग्रामीणों से होगा सीधा संवाद
September 24, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: मैम! मे आई गो टू टॉयलेट?

By Om Prakash Verma Published May 2, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
इंग्लिश मीडियम स्कूल की पहली कक्षा का विद्यार्थी एकाएक खड़ा हो जाता है। पढ़ा रही मैम जब उसे सवालिया निगाहों से देखती है तो वह पूछता है-‘मैम! मे आई गो टू टॉयलेट?’ मैम सिर हिला देती है और वह पूरी तेज से कक्षा से बाहर निकल जाता है। सरकारी स्कूलों का छोटा बच्चा पूछता कुछ नहीं है। वह सिर्फ खड़ा हो जाता है और हाथ की छीनी उंगली (कनिष्ठा) दिखाता है। टीचर समझ जाती है और इशारे से उसे इजाजत दे देती है। प्रकृति के इस नियम को सहज स्वीकार्यता है, होनी भी चाहिए। पर सभी मैम एक जैसी नहीं होती। किसी-किसी को लगता है कि बच्चा शरारत कर रहा है। वह इजाजत नहीं देती। बच्चा काफी देर तक रोकने की कोशिश करता है और फिर पैंट गीली कर लेता है। इसके लिए बच्चे को दोष देना सही नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल है सेक्स का। इस जरूरत को भी समाज कभी खुले दिल से स्वीकार नहीं कर पाया। इसलिए इसे हमेशा गुप्त रूप से चोरी छिपे अंजाम दिया जाता रहा। विवाह पूर्व या विवाहेत्तर संबंध कोई नई बात नहीं हैं। इसके उदाहरण पौराणिक काल में भी मिल जाएंगे। दुनिया भर में विवाहेत्तर संबंधों को लेकर राजनीतिक बवाल भी मचते रहे हैं। अमेरिका से लेकर भारत तक के कई वरिष्ठ और दमदार राजनयिकों का राजनीतिक करियर इसकी भेंट चढ़ चुका है। कुछ नेताओं ने राजभवन जैसी संस्थाओं को भी कलंकित किया है। एक नेतापुत्र के सेक्स स्कैंडल ने तो उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता ही बंद कर दिया। मुगल काल में ताजमहल का निर्माण करने में लगे हुए मजदूरों के मनोरंजन के लिए कुछ ऐसी जातियों को आगरा में बसाया गया जो नाच-गाकर अपने घर से दूर पड़े इन मजदूरों का दिल बहलाते थे। इसकी आड़ में जिस्मफरोशी भी होती थी। ब्रिटिश शासनकाल में पहली बार ‘रेडलाइट एरिया’ का चलन प्रारंभ हुआ। ब्रिटिश हुकूमत ने अपनी सेना की जरूरत के लिए इसे मंजूरी दी। आजादी के बाद भी अधिकांश राज्यों में ऐसे गांव और गलियां बनी रहीं। लोग इन्हें कोठा, बदनाम गली, आदि नाम से पुकारते रहे हैं। पर आजादी के लगभग 50 साल बाद कुछ राज्यों ने इसे बैन कर दिया। वहां की सरकारों को लगा कि यह संबंध चोरी छिपे ही ठीक है। पर सरकार के सोचने से क्या होता है। प्रकृति का रुख मोडऩे की आप चाहे जितनी भी कोशिश करो, पहाड़ी झरना अपनी राह खुद बना लेता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बाबूलाल गली मशहूर थी। 1990 से 1993 के बीच यहां जिस्मफरोशी को बंद करवाया गया। तब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा था। इसके बाद से ही जिस्मफरोशी के अड्डे कालोनियों में खुल गए। खाली पड़े फ्लैट इस धंधे के लिए किराए पर चलने लगे। मसाज सेन्टर और स्पा की आड़ में भी इसे अंजाम दिया जाने लगा। बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग-भिलाई हो या जगदलपुर कोई भी शहर इससे बचा नहीं है।

You Might Also Like

दूसरे के नाम पर वाहन फाइनेंस कर बेच देते थे शातिर, दो आरोपी गिरफ्तार, 10 लाख के 9 वाहन बरामद

वीबी जीरामजी अंतर्गत जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, 99 फीसदी परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज

शासकीय शालाओं में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित

युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री साय

ग्राम सभाओं में 2 अक्टूबर से तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना… ग्रामीणों से होगा सीधा संवाद

Om Prakash Verma May 2, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article शातिर बदमाश संजय सिंह एक साल के लिए जिलाबदर, कई अपराधों में रहा है शामिल
Next Article Railway Breaking : छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 22 ट्रेनें फिर से रद्द, पैसेंजर से लेकर यह एक्सप्रेस गाड़ियां होंगी प्रभावित

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?