ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: अब मान्य नहीं होंगे पुराने आश्रित कार्ड, देश के सैनिक अस्पतालों में इस मानक पर ही मिलेगा इलाज
Share
Notification Show More
Latest News
राष्ट्रपति का बस्तर दौरा : जगदलपुर एयरपोर्ट, सिरहासार भवन व दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र ‘नो ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित
October 22, 2026
खेत बचाओ अभियान के तहत एनआईबीएसएम और केवीके मिलकर करेंगे किसानों को जागरूक
October 22, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का
October 22, 2026
रायपुर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मुुख्यमंत्री साय व राज्यपाल डेका ने किया स्वागत
October 22, 2026
shreekanchanpath 10 # 22 October 2026
October 22, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsFeaturedNational

अब मान्य नहीं होंगे पुराने आश्रित कार्ड, देश के सैनिक अस्पतालों में इस मानक पर ही मिलेगा इलाज

By Om Prakash Verma Published March 29, 2024
Share
अब मान्य नहीं होंगे पुराने आश्रित कार्ड, देश के सैनिक अस्पतालों में इस मानक पर ही मिलेगा इलाज
अब मान्य नहीं होंगे पुराने आश्रित कार्ड, देश के सैनिक अस्पतालों में इस मानक पर ही मिलेगा इलाज
SHARE

देहरादून /देश के सैन्य अस्पतालों में अब पुराने आश्रित कार्ड मान्य नहीं होंगे, जबकि आश्रित माता-पिता की आय 9000 मासिक से अधिक है तो उन्हें इलाज नहीं मिलेगा। रक्षा मंत्रालय की ओर से इस संबंध में सभी कमांड को पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया कि अब से सेना आदेश 74,75 के चले आ रहे डिपेंडेंट कार्ड अस्पतालों में चिकित्सा पात्रता के लिए आश्रित कार्ड के रूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस तरह का आश्रित कार्ड प्रस्तुत करने वाले किसी भी आश्रित को सेना अस्पताल में इलाज से वंचित कर दिया जाएगा। सेना के जवानों एवं अधिकारियों के आश्रित माता-पिता एवं अन्य को सेना के अस्पतालों में डिपेंडेंट कार्ड के आधार पर इलाज मिलता है।

रक्षा मंत्रालय की ओर से लिखे पत्र में कहा गया कि आश्रित कार्ड जारी करने की प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान फर्जी तरीके से तैयार किए गए आश्रित कार्डों की भी शिकायत मिली है। जिनका उपयोग सेवा कर्मियों के अपात्र रिश्तेदार चिकित्सा सेवा का लाभ उठाने के लिए कर रहे हैं। वर्तमान में सेना के जवान एवं अधिकारियों के आश्रित जिस कार्ड सेना आदेश 74, 75 बी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

एमईसी पर करेंगे कार्रवाई
वह केवल भारतीय एयरलाइंस में यात्रा रियायत प्रदान करता है। इसके अलावा माता-पिता आश्रितों की मासिक आय 9000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। सेवाकर्मी जिले के राजस्व विभाग की ओर से जारी माता-पिता का आय प्रमाणपत्र या आयकर विभाग की ओर से जारी वार्षिक आय प्रमाणपत्र जमा करेंगे। जिसका उपयोग माता-पिता की आय सीमा का पता लगाने के लिए किया जाएगा।

हालांकि, आपातकालीन मामलों में इलाज से इन्कार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में मरीज को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। अस्पताल ऐसे प्रवेश के बारे में इकाई को सूचित करेंगे, जो एमईसी पर कार्रवाई करेंगे। पत्र में यह भी कहा गया कि आश्रितों को अस्पताल अधिकारियों की ओर से सत्यापन के लिए आधार की एक प्रति के साथ मेडिकल एंटाइटेलमेंट सर्टिफिकेट (एमईसी) ले जाना आवश्यक होगा, जब तक कि अस्पतालों में आधार बायोमीट्रिक टर्मिनल स्थापित नहीं हो जाते।

उत्तराखंड से सेना का हर पांचवां जवान
उत्तराखंड सैनिक बहुल प्रदेश है, यहां करीब डेढ़ लाख से अधिक पूर्व सैनिक हैं, जबकि अन्य सशस्त्र बलों के पूर्व जवानों की संख्या 70 हजार से अधिक है। सेना का हर पांचवां जवान उत्तराखंड से है। सेना के अस्पतालों में इलाज के लिए आश्रित माता-पिता की मासिक आय मात्र 9000 रुपये निर्धारित करना सेना के जवानों के साथ अन्याय है। एक दैनिक श्रमिक की आय भी इससे अधिक है। इस तरह के आदेश से बड़ी संख्या में आश्रित माता-पिता इलाज से वंचित रह जाएंगे।
-शमशेर सिंह बिष्ट, केंद्रीय अध्यक्ष, पीबीओरआर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन

सेना ने नए डिपेंडेंट कार्ड बनाने शुरू कर दिए हैं, अधिकतर के कार्ड बन चुके हैं। रही बात आश्रित माता-पिता की 9000 रुपये मासिक आय की केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप सेना ने इसमें बदलाव कर ऐसा किया है। पहले भी इसमें समय-समय पर बदलाव किया गया है।
-लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, सेना

You Might Also Like

राष्ट्रपति का बस्तर दौरा : जगदलपुर एयरपोर्ट, सिरहासार भवन व दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र ‘नो ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित

खेत बचाओ अभियान के तहत एनआईबीएसएम और केवीके मिलकर करेंगे किसानों को जागरूक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का

रायपुर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मुुख्यमंत्री साय व राज्यपाल डेका ने किया स्वागत

CG-RERA की बड़ी कार्रवाई : बिना पंजीयन के बेची जमीन… सालासार विहार के प्रमोटर पर 25 लाख का जुर्माना

Om Prakash Verma March 29, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Fraud : शेयर ट्रेडिंग के नाम लाखों की ठगी, ज्यादा फायदे का झांसा देकर निवेश की रकम कर गया हजम
Next Article gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी Gustakhi Maaf: खत्म क्यों नहीं कर देते ईवीएम का झमेला

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?