ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: नाबालिगों से अपराध कराने वाले
Share
Notification Show More
Latest News
shreekanchanpath 09 # 21 October 2026
October 21, 2026
महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक श्रृंखला से प्रदेश की बेटियों को मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय
October 21, 2026
रायपुर में भारत ने सीरीज जीती, जिम्बाब्वे को 92 रनों से हारा, हरमनप्रीत ने खेली 91 रनों की पारी
October 21, 2026
आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंची रेल, बस्तर के विकास को मिली नई रफ्तार
October 21, 2026
मुख्यमंत्री ने रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में किया रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन
October 21, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: नाबालिगों से अपराध कराने वाले

By Om Prakash Verma Published March 28, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
वयस्क और नाबालिग की कानूनी परिभाषा बेहद आसान है। इसके लिए एक उम्र तय कर दी गई है। 17 साल 11 महीने और 29 दिन का बच्चा सोच समझकर निर्णय नहीं कर सकता। 18 साल का होते ही उसकी समझ की बत्ती जल जाती है। अब वह अपने सारे फैसले खुद ले सकता है। उम्र को लेकर खींची गई ये लकीरें अनेक क्षेत्रों में बाधा की सृष्टि करती है। स्कूलों में दाखिले की न्यूनतम उम्र 6 वर्ष है। पर 2 साल के बच्चे के लिए भी स्कूल होते हैं। इनकी फीस कालेजों से भी ज्यादा होती है। बहुत कम उम्र में कुछ बच्चे बड़ी-बड़ी परीक्षाएं पास कर लेते हैं। ऐसे मामलों से जाहिर होता है कि – ‘एज इज जस्ट ए नम्बर’। उम्र को लेकर लकीरें नहीं खींची जानी चाहिए। नाबालिगों के लिए तो कानून भी बेहद लचीला है। उसे वयस्कों के साथ कारागार में बंद नहीं किया जा सकता। उसे बाल संप्रेक्षण गृह में रखना होता है। नाबालिगों को मिले इस विशेष दर्जे का लाभ शातिर भी खूब उठाते हैं। रायपुर में भी ऐन ऐसा ही हुआ। एक युवक आरोपियों को परेशान करता था। उनके पैसे छीन लेता था। होली के दिन उसके मर्डर का प्लान बना। बड़े ने छोटे से कहा – ‘तू मर्डर कर, मैं जमानत ले लूंगा।’ छोटा नाबालिग जो ठहरा। बच्चा इतना खूंख्वार होगा, यह शायद उसने भी नहीं सोचा था। बच्चे ने युवक को इतने चाकू मारे कि गिनते-गिनते पुलिस थक गई। ऐसी ही दरिन्दगी उस बच्चे ने भी दिखाई थी जिसके कारण कानून में फेरबदल करना पड़ा। वह मामला था दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में एक युवती से सामूहिक बलात्कार का। उस घटना में युवती के प्राइवेट पार्ट में लोहे का सरिया घुसेड़ दिया गया था। बहुत कोशिशों के बाद भी युवती को बचाया नहीं जा सका था। बहुत पहले लोग चोरी-चकारी के लिए छोटे बच्चों का उपयोग करते थे। बच्चों को छोटी खिड़कियों से घर में घुसा दिया जाता था। वे भीतर जाकर दरवाजा खोल देते और चोर अपना काम कर जाते। आज भी कुछ अपराधी समूह के लोग बच्चों के सहारे तरह-तरह के अपराधों को अंजाम देते हैं। एक कसाब भी आया था भारत में। वह भी नाबालिग था। इससे उसके अपराध की भयानकता कुछ कम नहीं हो गई थी। समय-समय पर ऐसा अपराधियों को लेकर जन-आक्रोश उभरता रहा है। लोग अपराधी को भीड़ के सुपुर्द करने की मांग करते रहे हैं। पुलिस ऐसा तो नहीं कर सकती पर जो अपराधी बार-बार कानून के छिद्रों का फायदा उठाकर बच निकलते हैं, उन्हें वह भगाकर गोली मारती रही है। देश में ऐसे एनकाउंटर स्पेशलिस्टों की एक पूरी लिस्ट है। इन एनकाउन्टर विशेषज्ञों के खौफ से दुर्दांत अपराधी भी बिलों में दुबक जाते हैं। यह सरकार का काम है कि वह कानून में ऐसे प्रावधान करे कि पुलिस न तो मूकदर्शक बनकर खड़ी रहे और न ही एनकाउन्टर करने के लिए मजबूर हो।

You Might Also Like

महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक श्रृंखला से प्रदेश की बेटियों को मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर में भारत ने सीरीज जीती, जिम्बाब्वे को 92 रनों से हारा, हरमनप्रीत ने खेली 91 रनों की पारी

आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंची रेल, बस्तर के विकास को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में किया रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन

ताड़ोकी-रावघाट एवं अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन का लोकार्पण, रावघाट तक पहली बार पहुंची रेल

Om Prakash Verma March 28, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article shreekanchanpath 331 # 14 Sep 2024 shreekanchanpath 163 # 28 March 2024
Next Article छत्तीसगढ़ जीतने भाजपा ने रचा व्यूह! 36 समितियां बनाई, स्टार प्रचारों की सूची भी जारी, ओम की जगह अब नितिन नए प्रदेश प्रभारी

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?