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खत्म हुआ 500 साल का इंतजार, अयोध्या में पधारे प्रभु श्रीराम, 84 सेकेंड मुहूर्त में हुई प्राण प्रतिष्ठा

By Mohan Rao
Published: January 22, 2024
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्रीराम लला की पूजा करते
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अयोध्या। रामभक्तों का 500 साल का इंतजार आज खत्म हो गया। प्रभु श्रीराम की अयोध्या स्थित भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई अन्य हस्तियों की मौजूदगी में हुआ। राम मंदिर के गर्भगृह को चेन्नई से लाए गए सुगंधित फूलों से सजाया गया था। इस दौरान 7 हजार से ज्यादा आमंत्रित अतिथि इस ऐतिहासिक और भव्य समारोह के प्रत्यक्ष गवाह बने। वहीं, करोड़ों लोग घर बैठे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दर्शक बने।

मुख्य यजमान पीएम मोदी की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला की स्थापना की गई। इस दौरान मंदिर परिसर शंख, शहनाई और मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। मंदिर परिसर के ऊपर हेलीकाप्टरों के जरिए लगातार पुष्प वर्षा की जाती रही। पूरे देश ने इस अवसर पर पटाखे चलाकर और धर्मस्थलों में पूजा-पाठ कर, मिठाइयां वितरित कर एक दूसरे को बधाइयां दी। पूरे देश में जयश्री राम के नारे गूंजते रहे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव विभोर करने वाला है। इस दिव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरा परम सौभाग्य है।

नागर शैली में बने राम मंदिर की छटा आज देखते ही बन रही है। हर कोई मंदिर को निहारते रह गया। मैसूर के फेमस मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई रामलला की नई 51 इंच की मूर्ति को  गुरुवार को मंदिर के गर्भगृह में रखा गया था। ‘प्राण प्रतिष्ठाÓ के लिए चौदह जोड़े यजमान बने। एक दिन बाद यानी 23 जनवरी से मंदिर को आमजनके लिए खोल दिया जाएगा। इससे पहले प्राण प्रतिष्ठा समारोह दोपहर 12.20 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे के करीब समाप्त हुआ। उसके बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर संतों और प्रमुख हस्तियों समेत 7,000 से ज्यादा लोगों की एक सभा को संबोधित किया। रविवार को रामलला की मूर्ति को विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाए गए औषधीय और पवित्र जल से भरे 114 घड़ों से स्नान कराया गया। मूर्ति को आज ‘मध्याधिवासÓ में रखा गया। अभिषेक अनुष्ठान 16 जनवरी को सरयू नदी से शुरू हुआ और सोमवार दोपहर ‘अभिजीत मुहूर्तÓ में पूरा हुआ।

करोड़ो लोग टीवी और ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से इस आयोजन के गवाह बने। केंद्र व छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों की सरकारों ने 22 जनवरी को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की थी। कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया गया है। देश और विदेश के मंदिरों ने इस अवसर पर विशेष उत्सव आयोजित किए जा रहे है। वाशिंगटन डीसी से लेकर पेरिस और सिडनी तक, 60 देशों में ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कल लाउड स्पीकरों पर अयोध्या में राम धुन बजाई जाती रही।

स्वर्ण मुकुट, मोतियों का हार, कानों में कुंडल…
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूरा हो गया और इसके साथ ही लोगों का सदियों पुराना इंतजार भी खत्म हो गया। रामलला गर्भगृह में विराजमान हुए तो उनकी पहली तस्वीर सामने आई। तस्वीर में रामलला के सिर पर स्वर्णमुकुट है और गले में मोतियों का हार है। इसके अलावा कानों में कुंडल सुशोभित हैं। हाथ में स्वर्ण धनुष-बाण हैं। रामलला पीली धोती पहने हुए नजर आ रहे हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान गर्भगृह में पीएम नरेंद्र मोदी ने रामलला की पूजा-अर्चना की और इसके बाद मूर्ति का अनुष्ठान पूरा किया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने रामलला की आरती की और इस दौरान गर्भगृह में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत भी नजर आए।

शालीग्राम पत्थर से है निर्मित
इस मूर्ति को कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है जिसे शालीग्राम शिला से बनाया गया है। यह काले रंग का पत्थर होता है। शास्त्रों और धर्म ग्रंथों में शालीग्राम पत्थर को साक्षात भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भगवान विष्णु के ही सातवें अवतार माने गए हैं। शालीग्राम शिला की आयु हजारों साल होती है। यह जल रोधी होती है। चंदन और रोली लगाने से मूर्ति की चमक प्रभावित नहीं होगी। नख से शिखा तक रामलला की मूर्ति की कुल ऊंचाई 51 इंच है और वजन करीब 200 किलो है। वहीं रामलला की पुरानी मूर्ति को अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा करायी गई। विविध मंदिरों में ले जाया गया। इसके बाद उस मूर्ति को भी राम मंदिर के गर्भगृह में नई प्रतिमा के साथ ही रख दिया गया।

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