…फिर कहा,- यूपीए की विदेश और मुद्रा नीति पर चल रही है मोदी सरकार!
भिलाई। भारतीय जनता पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में चुनाव से ऐन पहले प्रवासी विधायकों को यहां बुलाकर क्षेत्र का दौरा करने और क्षेत्र की रिपोर्ट देने को कहा है, लेकिन ये विधायक राजनीतिक रूप से इतने अपरिपक्व हैं कि सवालों के जवाब देने में भी हड़बड़ा रहे हैं। इसी हड़बड़ाहट में वे ऊल-जुलूल बातें भी कह रहे हैं। प्रियदर्शिनी परिसर स्थित जिला भाजपा कार्यालय में चम्पारण जिले के चनपटिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमाकांत सिंह कुछ ऐसी ही नजीर पेश कर गए। सवालों को सुनकर कभी झुंझलाते तो कभी हड़बड़ाते विधायक उमाकांत सिंह यह कहने से नहीं चूके कि देश में कहीं कोई महंगाई नहीं है। महंगाई नाम का शिगूफा सिर्फ पत्रकारों की देन है। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने यह भी कह दिया कि पेट्रोल पम्पों में लगी लम्बी कतारें बताती है कि पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं है। देश में सब अच्छा चल रहा है, जनता आराम से रह रही है।

श्रीकंचनपथ अखबार के सहयोगी संस्थान केपी न्यूज के तेज-तर्रार सवालों पर पसीना-पसीने हुए विधायक उमाकांत सिंह ने केन्द्र की मोदी सरकार की विदेश व मौद्रिक नीति को किनारे लगाते हुए यहां तक कह दिया कि पूर्ववर्ती यूपीए की सरकार ने जो विदेश और मुद्रा नीति बनाई थी, वर्तमान में मोदी सरकार उसी पर चल रही है। दरअसल, उनके महंगाई को लेकर सवाल किया गया था। पहले तो उन्होंने किसी तरह की महंगाई को ही सिरे से नकार दिया, लेकिन जब कई बार और घूमा फिराकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने एक तरह से बढ़ी हुई महंगाई के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को दोषी ठहरा दिया, क्योंकि उसी की कथित नीतियों पर मोदी सरकार चल रही है।
उन्होंने साफ तौर पर पत्रकार से ही सवाल पूछ लिया- कहां है महंगाई…? पेट्रोल पम्पों पर लोग वाहन लेकर कतारों में खड़े हैं। जनता पैसे कमा रही है और खर्च भी कर रही है। देश में सब कुछ अच्छा चल रहा है। जनता आराम से रह रही है। वह नहीं कह रही कि पेट्रोल-डीजल या गैस सिलेंडर महंगा है। विधायक उमाकांत सिंह शायद भूल गए कि वे विधानसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ आए हैं। झोंक-झोंक में वे यह कहने से भी नहीं चूके कि जनता एक बार फिर से मोदी को देखना चाहती है। उज्जवला योजना को केन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताने वाले प्रवासी विधायक के पास इस बात का जवाब नहीं था कि गरीब परिवार आखिर महंगा सिलेंडर कैसे भरवाएगा?
विधायक उमाकांत सिंह का ध्यान जब प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नारे अबकी बार 75 पार की ओर दिलाया गया तो उनका कहना था कि आने वाले दिनों में जनता यह बता देगी कि कांग्रेस 75 के पार है या 45 के भीतर। संविदा कर्मियों के नियमितिकरण संबंधी एक अन्य सवाल से पल्ला झाड़ते हुए प्रवासी विधायक का कहना था कि यह स्थानीय मुद्दा है और इस बारे में वे कुछ नहीं कह सकते। यदि भाजपा की सरकार आती है तो इस पर विचार किया जाएगा। यह पूछे जाने पर मध्यप्रदेश में तो भाजपा की ही सरकार है, वहां संविदा कर्मियों का नियमितिकरण क्यों नहीं किया गया, विधायक सिंह ने कहा कि यह हम कैसे बता सकते हैं। बड़े-बड़े नेता हैं, वे ही फैसला करेंगे। हम तो पार्टी के कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने इस सवाल का जवाब भी नहीं दिया कि यदि जनता भाजपा को फिर से सत्ता में लाना चाहती है तो पिछली बार 15 साल की सत्ता वाली पार्टी को नकार क्यों दिया? उनका कहना था कि लोगों ने गंगाजल लेकर 36 योजनाओं के लिए संकल्प लिया था, आज यह पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने कितनी योजनाओं का संकल्प पूरा किया। विधायक सिंह का कहना था कि हमने 15 साल तक काम किया, लेकिन जनता उनके (कांग्रेस के) लुभावने वायदों में आ गई। उन्होंने लम्बा-चौड़ा घोषणा-पत्र दिया था। लेकिन आज जनता अफसोस कर रही है, उसे अहसास हो रहा है कि भाजपा को छोड़कर हमने गलती कर दी। इस बार जनता ने पूरा मन बना रखा है कि छत्तीसगढ़ में फिर से भाजपा की सरकार बनाएंगे।




