नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल बुधवार को कई अहम फैसले लिए। कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि पीएम ई-बस सेवा को मंजूरी दे दी गई है। इस के लिए देश भर में लगभग 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें चलायी जाएंगी। इस योजना में 77,613 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 20,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह योजना तीन लाख और उससे अधिक आबादी वाले शहरों को कवर करेगी। इस योजना के तहत, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर 10,000 ई-बसों के साथ सिटी बस संचालन किया जाएगा। यह योजना 10 वर्षों के लिए बस संचालन का समर्थन करेगी। इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने विश्वकर्मा योजना को भी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुधवार को डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।
विश्वकर्मा योजना के संचालन से 30 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 13,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दे दी, जिससे बुनकरों, सुनारों, लोहारों, कपड़े धोने वाले श्रमिकों और नाइयों सहित लगभग 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के परिवारों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में इस योजना की घोषणा की थी। संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि योजना के तहत शिल्पकारों को पहली किस्त में एक लाख रुपये और दूसरी किस्त में दो लाख रुपये का रियायती ऋण दिया जाएगा। ये ऋण 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि यह योजना 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती पर शुरू की जाएगी।




