भिलाई। ट्रेन में फर्जी टीटी बनकर वसूली करने वाला एक शातिर आरपीएफ व जीआरपी के हत्थे चढ़ा है। दुर्ग रेलवे स्टेशन से सफर करने वाला यह शख्स सब्जी का व्यापारी है औ अंबिकापुर व मनेन्द्र गढ़ सब्जी पहुंचाता था। ट्रेन का किराया बचाने के लिए उसने यह पैंतरा अपनाया। हालांकि एक यात्री की सूझबूझ से वह पकड़ा गया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल एवं जीआरपी ने उसे हिरासत में लेकर रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग में एक व्यक्ति का पता चला जो ट्रेन नंबर 18242 अंबिकापुर -दुर्ग एक्सप्रेस से 10 अगस्त को टिकट चेकिंग स्टाफ के रूप में काम कर रहा था। उनसे यात्री यात्री मोहम्मद रफीक ने टिकट मांगा और उनके टिकटों की जांच की। यात्री मोहम्मद रफीक को उनकी कार्यशैली देखकर संदेह हुआ कि वह टीटी तो नही हैं। एमडी रफीक ने उसलापुर के आरपीएफ को घटना का विवरण बताया, जिस पर आरपीएफ ने ट्रेन में संदेहात्मक व्यक्ति को ढूंढा पर वह नहीं मिला। दूसरे दिन को एमडी रफीक जब दुर्ग स्टेशन आये तो वहां वही संदेहात्मक व्यक्ति प्लेटफार्म नंबर 4 पर बैठा पाया गया।
उन्होंने टीटी कार्यालय दुर्ग से संपर्क किया, जहां पीके यादव, डिप्टी सिटी और चन्द्रशेखर, सीटीसी ड्यूटी पर थे। जहां उन्होंने टीटीआई स्टाफ से असली टिकट चेकिंग स्टाफ को सभी बातें बताईं। पीके यादव और चन्द्रशेखर तत्काल दुर्ग स्टेशन पर उस व्यक्ति (फर्जी टी टी) से पूछताछ की। जिसने खुद को रेलवे कर्मचारी को बताया और बताया कि वो डोंगरगढ़ में भर्ती था, लेकिन उसके पास एक डुप्लीकेट रेलवे कार्ड था, जिसमें उसका नाम संतोष दर्शाया गया था।
संदेह होने पर टीसी ने व्यक्ति से अन्य पहचान पत्र दिखाने को कहा। जबरदस्ती करने पर उस व्यक्ति ने अन्य पहचान पत्र आधार कार्ड दिखाया जिसमें उसका नाम अवधेश साहू लिखा हुआ था। वाणिज्य विभाग के टिकट जांच कर्मियो ने रेलवे सुरक्षा बल एवं जीआरपी की मदद से उस व्यक्ति को टीसी कार्यालय में लाकर चेक किया और उसके बैग की तलाशी ली गई, जिसमें रेलवे नौकरी प्रदान करने के संदिग्ध दस्तावेज थे। उक्त संदिग्ध व्यक्ति पर रेलवे सुरक्षा बल एवं जीआरपी ने अपने अधीन ले नियमानुसार कार्रवाई की। पूछताछ में उसने बताया कि सब्जी ट्रेवलिंग के दौरान बार बार टिकट खरीदना पड़ता था और उसी खर्च को बचाने के लिए उसने यह तरकीब निकाली।




