ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: अब गेड़ी से तय होगा कौन असली छत्तीसगढिय़ा
Share
Notification Show More
Latest News
शिक्षक भर्ती परीक्षा : 1812 रिक्त संविदा पदों के लिए आयोजित सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिखाया उत्साह
October 31, 2026
रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना की स्काईडाइविंग टीम दिखाएगी कौशल और टीम भावना
October 31, 2026
छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस अफसरों व कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक
October 31, 2026
राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक
October 31, 2026
स्कूल में 10वीं की छात्रा पर आरी से हमला, हालत गंभीर… बचाव करने वाली सहेली भी घायल
October 31, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: अब गेड़ी से तय होगा कौन असली छत्तीसगढिय़ा

By Om Prakash Verma Published July 15, 2023
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
छत्तीसगढ़ के मूल निवासी सावधान हो जाएं। जो गेड़ी नहीं चढ़ सकता, वह छत्तीसगढिय़ा नहीं हो सकता। कम से कम भाजपा के एक प्रदेश महामंत्री का तो यही मानना है। भाई ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस सरकार को चुनौती दे डाली है कि वह भौंरा-बांटी, गिल्ली डंडा और गेड़ी दौड़ में उनसे मुकाबला करके देख लें। उनका दावा है कि गेड़ी दौड़ में कोई उनसे आगे नहीं निकल सकता। कैसी बचकानी बातें हैं। अब क्या गेड़ी से तय होगा कि सरकार किसकी बनेगी? छत्तीसगढ़ तो क्या, किसी भी प्रदेश की संस्कृति का इतिहास तब से शुरू होता है जब भाजपा-कांग्रेस जैसी पार्टियों का जन्म भी नहीं हुआ था। छत्तीसगढ़ का इतिहास तो रामायणकाल से भी पहले शुरू हो जाता है। रही बात गेड़ी दौडऩे की, भौंरा बांटी या गिल्ली डंडा-गोबर डंडा खेलने की तो यह गांव-गांव में आज भी जीवित है। भूपेश बघेल ही क्यों, भाजपा और कांग्रेस के अधिकांश नेता ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही आते हैं। इनमें से 70 फीसदी नेता चुनाव में नामांकन के दौरान स्वयं को किसान ही बताते हैं और कृषि आय ही दर्शाते हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण खेलों से जुड़कर लोगों को भरमा रहे हैं। यदि ऐसा है जो भाजपा को भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह ‘जय श्रीराम’ से क्या साबित करना चाहती है। क्या वह भी जनता को भरमाना चाहती है? भाजपा या कांग्रेस रहे न रहे, न तो प्रभु श्रीराम की महिमा पर कोई आंच आएगी और न ही ग्रामीण मौलिक खेलों पर। यह कोई प्रतियोगिता का विषय ही नहीं है। जनता के साथ तीज-त्यौहारों में शामिल होने की परम्परा सदियों पुरानी है। यहां तक कि राजा भी प्रजा के साथ त्यौहार मनाया करते थे। भूपेश बघेल न केवल ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं बल्कि गांव में रहे हैं। अपने हाथों से बैल जोते हैं, ट्रैक्टर भी चलाया है। रोपा लगाया है फसल भी काटी है। उलानबाटी मारकर नहर में कूदे हैं और खूब नहाए हैं। गेड़ी, भौंरा, बांटी उनके बचपन के साथी हैं। वे इन खेलों को खेलकर खुश होते हैं। मुख्यमंत्री को ग्रामीणों के बीच वही खुशी मिलती है जो कदाचित प्रधानमंत्री को गंगा आरती से मिलती है। भाजपा के महामंत्री ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए छत्तीसगढिय़ावाद का सहारा ले रही है। तो क्या भाजपा भी इसीलिए हिन्दुत्व का झंडा उठाती है? दरअसल, प्राचीन मान्यता है कि जो जैसा होता है, उसे दुनिया वैसी ही नजर आती है। रामचरित मानस के बालकांड की एक चौपाई है – ‘जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी’। जो लोग रामनाम के सहारे सत्ता में हैं, उन्हें तो इस बात की खास जानकारी होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ तो राम के ननिहाल को सजा-संवारकर ही खुश है। छत्तीसगढ़ के रोम-रोम में राम है। उसकी रामायण मंडलियां देश दुनिया में प्रसिद्ध हैं। सतनामियों की पंडवानी, पंथी से भी पूरा विश्व परिचित है।

You Might Also Like

शिक्षक भर्ती परीक्षा : 1812 रिक्त संविदा पदों के लिए आयोजित सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिखाया उत्साह

रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना की स्काईडाइविंग टीम दिखाएगी कौशल और टीम भावना

छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस अफसरों व कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक

राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक

स्कूल में 10वीं की छात्रा पर आरी से हमला, हालत गंभीर… बचाव करने वाली सहेली भी घायल

Om Prakash Verma July 15, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article बस्तर से लेकर सरगुजा तक खुले स्थानीय रोजगार के नए आयाम, पुरानी परम्पराएं अब रोजगार से जुड़कर बन रही आय का जरिया बस्तर से लेकर सरगुजा तक खुले स्थानीय रोजगार के नए आयाम, पुरानी परम्पराएं अब रोजगार से जुड़कर बन रही आय का जरिया
Next Article सिर्फ 3 दिन में ‘सब कुछ’ अपने पक्ष में कर महफिल लूट ले गए सीएम भूपेश

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?