ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मुख्यमंत्री की पहल: धमधा के सांस्कृतिक महत्व के छह प्राचीन तालाबों का लौटा गौरव, विधि विधान से खुदाई कर ताम्रपत्र और काष्ठस्तंभ की हुई स्थापना
Share
Notification Show More
Latest News
शिक्षक भर्ती परीक्षा : 1812 रिक्त संविदा पदों के लिए आयोजित सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिखाया उत्साह
October 31, 2026
रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना की स्काईडाइविंग टीम दिखाएगी कौशल और टीम भावना
October 31, 2026
छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस अफसरों व कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक
October 31, 2026
राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक
October 31, 2026
स्कूल में 10वीं की छात्रा पर आरी से हमला, हालत गंभीर… बचाव करने वाली सहेली भी घायल
October 31, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

मुख्यमंत्री की पहल: धमधा के सांस्कृतिक महत्व के छह प्राचीन तालाबों का लौटा गौरव, विधि विधान से खुदाई कर ताम्रपत्र और काष्ठस्तंभ की हुई स्थापना

By Om Prakash Verma Published June 12, 2023
Share
मुख्यमंत्री की पहल: धमधा के सांस्कृतिक महत्व के छह प्राचीन तालाबों का लौटा गौरव, विधि विधान से खुदाई कर ताम्रपत्र और काष्ठस्तंभ की हुई स्थापना
मुख्यमंत्री की पहल: धमधा के सांस्कृतिक महत्व के छह प्राचीन तालाबों का लौटा गौरव, विधि विधान से खुदाई कर ताम्रपत्र और काष्ठस्तंभ की हुई स्थापना
SHARE

छै आगर छै कोरी तरिया के नाम से प्रसिद्ध है धमधा
रायपुर। सांस्कृति महत्व के छह प्राचीन तालाबों का गौरव फिर से लौट आया है। धमधा के छह तालाबों की खुदाई की गई ये तालाब वर्तमान में अस्तित्व खो चुके थे। इन पर कब्जा हो चुका था। इन तालाबों के गौरव को फिर से लौटाने की पहल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर की गई। जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा जल संरक्षण के इस मुहिम में आमजनों ने भी भरपूर साथ दिया। विलुप्त होते इन तालाबों की उपयोगिता व सौंदर्य को पुन:स्थापित करने का सराहनीय कार्य की प्रशंसा यहां के ग्रामीणजन कर रहे हैं।

सांस्कृतिक महत्व के धमधा के पुनर्जीवित इन छह तालाबों में विधि-विधान के साथ ताम्रपत्र व काष्ठ स्तंभ की स्थापना भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब हमारी संस्कृति और परंपरा को पल्लवित करते हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर इन तालाबों के सौंदर्यीकरण और उन्हें सहेजने का कार्य सराहनीय है। धमधा के अन्य प्राचीन तालाबों के जीर्णोद्धार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

सांस्कृतिक महत्व के इन तालाबों को जिला प्रशासन की मदद से पुनर्जीवित करने के अभियान में सबसे पहले तालाबों को पाट कर किए गए कब्जे को हटाया गया। कब्जा हटाने के बाद तालाबों की फिर से खुदाई हुई। खुदाई के काम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ गौरवगाथा समिति, हिन्द एथलेटिक्स क्लब, नगर पंचायत, जल संसाधन विभाग के लोगों ने हिस्सा लिया। तालाब बनने के बाद पूरे विधि विधान से सरई लकड़ी का 12 फीट लंबा स्तंभ लगाया गया और शोभायात्रा निकाल कर त्रिमूर्ति महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। इन तालाबों का महत्व दर्शाने के लिए इसमें ताम्रपत्र अंकित किया गया। इस ताम्रपत्र में शासकीय तालाब होने, उसके रकबा, खसरा सहित अन्य ऐतिहासिक बातों का उल्लेख किया गया है।

गौरतलब है कि दुर्ग जिले का धमधा क्षेत्र छै आगर छै कोरी तरिया (126 तालाब) के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध था। गुजरते समय के साथ ये जल स्रोत विलुप्त होते चले गए और साथ ही लोगों के द्वारा कब्जा करके इसे पाट दिया गया। जिससे 126 तालाबों ने अपना अस्तित्व खो दिया। धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने इन तालाबों पर शोध किया और इनकी पूरी पड़ताल करके 126 तालाबों की सूची बनाई, जिसमें रकबा, खसरा नंबर सहित उनके इतिहास को संजोया और एक किताब छै आगर छै कोरी तरिया अऊ बूढ़वा नरवा का प्रकाशन किया, जिस किताब का विमोचन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किया गया।

You Might Also Like

शिक्षक भर्ती परीक्षा : 1812 रिक्त संविदा पदों के लिए आयोजित सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिखाया उत्साह

रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना की स्काईडाइविंग टीम दिखाएगी कौशल और टीम भावना

छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस अफसरों व कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक

राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक

स्कूल में 10वीं की छात्रा पर आरी से हमला, हालत गंभीर… बचाव करने वाली सहेली भी घायल

Om Prakash Verma June 12, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article प्रथम खेलो इंडिया जनजाति खेल राष्ट्रीय प्रतियोगिता: छत्तीसगढ़ फुटबाल विमेंस टीम ने जीता गोल्ड प्रथम खेलो इंडिया जनजाति खेल राष्ट्रीय प्रतियोगिता: छत्तीसगढ़ फुटबाल विमेंस टीम ने जीता गोल्ड
Next Article छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक : परिवहन मंत्री मो अकबर ने कहा- सड़क दुर्घटनाएं की रोकने उठाएं प्रभावी कदम

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?