ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: छत्तीसगढ़ में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग, एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप’ किया गया है विकसित
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

छत्तीसगढ़ में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग, एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप’ किया गया है विकसित

By Om Prakash Verma
Published: June 7, 2023
Share
छत्तीसगढ़ में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग, एआई आधारित 'छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप' किया गया है विकसित
छत्तीसगढ़ में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग, एआई आधारित 'छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप' किया गया है विकसित
SHARE

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में ग्रामीणों को मोबाइल पर मिल रहा है अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप’ विकसित किया गया है। पिछले 3 महिनों से उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में इस ऐप का उपयोग किया जा रहा है। 10 किलोमीटर के इलाके में हाथियों के रियल टाईम मूवमेंट का अलर्ट ग्रामीणों केे मोबाइल पर सफलतापूर्वक भेजा रहा है। इस एप में ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन का पंजीयन किया जाता है। जब एलीफैंट ट्रैकर्स द्वारा हाथियों के मूवमेंट का इनपुट एप पर दर्ज किया जाता है, तो एप द्वारा स्वचालित रूप से ग्रामीणों के मोबाइल पर अलर्ट जाता है।

छत्तीसगढ़ के हाथी प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) और वन्यजीव विंग द्वारा संयुक्त रूप से इस एप को विकसित किया गया है। यह एप एलीफैंट ट्रैकर्स (हाथी मित्र दल) से प्राप्त इनपुट के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई पर काम करता है। इस एप का उद्देश्य हाथी ट्रैकर्स द्वारा की जाने वाली ‘मुनादी’ के अलावा प्रभावित गांव के प्रत्येक व्यक्ति को मोबाइल पर कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप अलर्ट के भेजकर हाथियों की उपस्थिति के बारे में सूचना पहुंचाना है।

अलर्ट एप उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 3 माह से एक्टिव
वर्तमान में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (गरियाबंद, धमतरी) के लगभग 400 ग्रामीणों को इस अलर्ट सिस्टम में पंजीकृत किया गया है और पिछले 3 महीनों से यह काम कर रहा है। अन्य वन प्रभाग भी एप का उपयोग कर सकते हैं और अपने संबंधित ग्रामीणों को पंजीकृत कर सकते हैं। एप को वन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) और वन्यजीव विंग द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव द्वारा इकोपार्क मेचका, यूएसटीआर में एप को लॉन्च किया जाएगा।

अलर्ट एप इस तरह करता है काम
हाथी मित्र दल के सदस्य हाथियों के स्थान, झुंड के नाम, व्यवहार और अन्य विशेषताओं को फीड करने के लिए व्क्ज्ञ एप (ओपन सोर्स) का उपयोग करते हैं। यह व्क्ज्ञ एप ऑनलाइन मोड (रियल टाइम) और ऑफलाइन मोड (करीब-रीयल टाइम जब ट्रैकर मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होते हैं) दोनों में काम करता है।

ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन एप पर की जाती है रजिस्टर
हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन को अलर्ट और ट्रैकिंग एप पर पंजीकृत किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जब भी हाथी ग्रामीणों से 10 किलोमीटर के करीब होगा, तो उन्हें एआई अलर्ट के माध्यम से कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप अलर्ट वास्तविक समय पर और हाथी ट्रैकर्स के मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता के आधार पर वास्तविक समय के आधार पर भेजे जाएंगे। एप क्रेडेंशियल्स केवल वन विभाग के अधिकारियों और स्वयंसेवकों (वन्यजीव विंग से अनुमोदन के बाद) को प्रदान किए जाएंगे ताकि एप का दुरुपयोग न हो सके। ग्रामीणों को एप इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें बस अपने मोबाइल नंबरों को संबंधित बीट गाड्र्स या रेंज कार्यालय के माध्यम से जीपीएस लोकेशन के साथ पंजीकृत करना होगा।

हाथी के अलावा तेन्दुआ, भालू, जंगली भैंसों की उपस्थिति का अलर्ट भेजने में भी सक्षम
अलर्ट एवं ट्रैकिंग एप द्वारा समय अवधि फि़ल्टर का उपयोग करके हाथी मार्ग को ट्रैक कर, हाथियों के झुंड को फि़ल्टर किया जा सकता है और अलग-अलग मार्गों को ट्रैक किया जा सकता है (जैसे-सिकासार दल, चंदा दल आदि)। इस एप का केवल हाथी ही नहीं, अन्य मांसाहारी, सर्वाहारी जानवर (तेंदुआ, सुस्त भालू), मैना, जंगली भैंसों की उपिस्थति का भी अलर्ट भेजने, अनुसंधान हेतु, आवास विकास, आवश्यकता के अनुसार योजना बनाने, ट्रैक करने में उपयोग किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रथ यात्रा पर्व में हुए शामिल… शंख बजाकर की महाप्रभु जगन्नाथ की पूजा अर्चना… प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना
राजस्व विभाग में पटवारी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा
टैक्स चोरी करने ट्रांसपोर्टर का खेल, एक ही नंबर से चल रहे थे दो ट्रक, पुरानी भिलाई पुलिस ने जब्त किए दोनों वाहन
प्रिया मलिक ने वर्ल्ड कैडेट कुश्ती चैम्पियनशिप में जीता गोल्ड, लगा बधाइयों का तांता
भारत- म्यांमार सीमा क्षेत्र में महसूस किए गए भूकंप झटके, रिक्टर स्केल पर 6.3 रही तीव्रता
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article मणिपुर में हिंसा का खतरनाक रूप, दंगाईयों ने मासूम को इलाज के लिए ले जा रहे एंबुलेंस में लगाई आग, बच्चे सहित तीन जिंदा जले मणिपुर में हिंसा का खतरनाक रूप, दंगाईयों ने मासूम को इलाज के लिए ले जा रहे एंबुलेंस में लगाई आग, बच्चे सहित तीन जिंदा जले
Next Article अयोध्या जैसे धार्मिक कोर्रिडोर्स पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा ओयो, राम मंदिर के उद्घाटन तक हजारों कमरे उपलब्ध कराने बनाई योजना
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?