ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: विश्व स्वास्थ्य दिवस हुआ और भी प्रासंगिक
Share
Notification Show More
Latest News
रक्तदान, पौधरोपण से लेकर विद्यादान तक सेवा गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक
योग-ध्यान से स्वस्थ जशपुर का संकल्प, अब ‘फिट इंडिया-फिट जशपुर’ के तहत होगा वॉकाथॉन
September 25, 2026
शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नवा रायपुर में सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता
शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नवा रायपुर में सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता
September 25, 2026
प्रतिदिन हो रहा 6 से 8 लीटर दूध उत्पादन, गोबर से जैविक खाद मिलने से खेती की लागत भी हुई कम
उन्नत नस्ल की गाय ने खोली अतिरिक्त आय की राह, आत्मनिर्भर बने सन्ना के ओम प्रकाश
September 25, 2026
बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल
छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान : प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज
September 25, 2026
स्वस्थ शरीर और मानसिक शांति के लिए नियमित योग को जीवनशैली में अपनाने पर जोर
जशपुर में योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में लगे योग-ध्यान शिविर
September 25, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: विश्व स्वास्थ्य दिवस हुआ और भी प्रासंगिक

By Om Prakash Verma Published April 7, 2023
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
आम तौर पर शहरी लोग गांव में जाते हैं. वहां जागरूकता की बातें करते हैं. जागरूकता की बातें करने वालों में चिकित्सक, चिकित्सा सेवा कर्मी, स्कूल-कालेज के विद्यार्थियों से लेकर सरकारी अमला तक शामिल होता है. हम उन्हें बताते हैं कि क्या खाएं, क्या न खाएं. सरकारी स्वास्थ्य अमला उन्हें शासन की स्वास्थ्य सुविधाओं, योजनाओं और सुपोषण कार्यक्रमों की जानकारी देता है. पिछले कुछ वर्षों से इसमें योगा का प्रचार प्रसार करना भी शामिल हो गया है. हमारी सबसे बड़ी चिंता है देश में अस्वस्थ लोगों की बढ़ती भीड़. यदि यह संख्या इतनी ही तेजी से बढ़ती रही तो इनके लिए स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाना देश की सबसे बड़ी चुनौती बन जाएगी. कोविड काल ने स्वास्थ्य के प्रति लोगों को पहले से अधिक संवेदनशील तो बना दिया पर यह भाव स्थायी न हो सका. कोविड के दूसरे दौर के गुजर जाने के बाद लोग पुराने ढर्रे पर लौट आए. फिर वही अलाली की जिन्दगी, वही गाड़ियों की रेलमपेल, वहीं फास्ट फूड और स्वादिष्ट जहर का चस्का. कोरोना के दौर में बड़े-बड़े होटल रेस्तरां बंद हो गए. पर जैसे ही देश इससे बाहर आया नए-नए फूड ज्वाइंट्स की बाढ़ आ गई. पता नहीं क्यों, लोगों को घर का खाना रास ही नहीं आता. लोग कहते हैं कि कभी-कभी टेस्टी खाना खाने को भी मन करता है. घर से टिफिन लाने के बाद भी वे जोमैटो-स्विगी पर सब्जी आर्डर करते हैं. ऐसे में स्वास्थ्य दिवस और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाता है. कोरोनाकाल में हमने देखा है कि जिन्हें हम कुपोषित समझते थे, वो हमसे कहीं ज्यादा सुरक्षित साबित हुए. हमने गरीबों को सैकड़ों मील सामान के साथ पैदल चलते देखा. गरीब देशों से ज्यादा अमीर और विकसित देशों पर कहर बरपा हुआ. पर हमारी आंखें नहीं खुली. खुलती भी कैसे, जगाया उसे जा सकता है जो सो रहा हो. जो जागते हुए निद्रा में लीन है, उसका तो भगवान भी कुछ नहीं कर सकता. हमें समझना होगा कि भोजन का स्वाद नमक-मिर्च-मसालों से नहीं बल्कि भूख से आता है. यदि भूख नहीं है तो केवल लालच ही हमें खाने के लिए प्रेरित कर सकती है. हमें यह भी समझना होगा कि हमारी थाली पहले से कहीं ज्यादा पौष्टिक हो गई है. इसका दूसरा मतलब यह है कि हमें पहले से भी ज्यादा सक्रिय रहने की जरूरत है. सक्रियता का मतलब जिम में जाकर वातानुकूलित कमरे में सांस फुलाना नहीं बल्कि खुले वातावरण में थकने और पसीना बहाने से है. जिम में दो घंटा कुत्ते की तरह हांफने वाले भी जब एक किलोमीटर दूर स्कूल कालेज या बाजार बाइक और कार से जाने लगते हैं तो स्वास्थ्य प्रभावित होता है. हम सभी जानते हैं कि गाड़ियों का माइलेज अंडर टेस्ट कंडीशन्स बताया जाता है. वास्तव में वह माइलेज कभी मिलता नहीं. जिम और कामकाजी परिश्रम में भी यही अंतर है.

You Might Also Like

योग-ध्यान से स्वस्थ जशपुर का संकल्प, अब ‘फिट इंडिया-फिट जशपुर’ के तहत होगा वॉकाथॉन

शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नवा रायपुर में सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता

उन्नत नस्ल की गाय ने खोली अतिरिक्त आय की राह, आत्मनिर्भर बने सन्ना के ओम प्रकाश

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान : प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज

जशपुर में योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में लगे योग-ध्यान शिविर

Om Prakash Verma April 7, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article धूमधाम से मनी हनुमान जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा, मंदिरों में गूंजा जय श्रीराम धूमधाम से मनी हनुमान जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा, मंदिरों में गूंजा जय श्रीराम
Next Article कूनो से भागा ओबान चीता पकड़ा गया, साउथ अफ्रीका से आई टीम ने किया रेस्क्यू, आशा अब भी फरार कूनो से भागा ओबान चीता पकड़ा गया, साउथ अफ्रीका से आई टीम ने किया रेस्क्यू, आशा अब भी फरार

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?