ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: यहां इंसान और मवेशी में फर्क करना मुश्किल
Share
Notification Show More
Latest News
ऑटो म्यूटेशन, जियो रेफरेंसिंग और ऑनलाइन राजस्व सुविधाओं की जानकारी लेकर ग्रामीणों ने जताई खुशी
राज्योत्सव में राजस्व विभाग की डिजिटल सेवाओं ने खींचा लोगों का ध्यान
November 2, 2026
1 करोड़ 65 लाख 85 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति
लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से ओड़गी में सड़क-पुल निर्माण को मिली स्वीकृति
November 2, 2026
मंडल की आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं की जानकारी लेने नागरिकों में दिखा उत्साह
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
November 2, 2026
आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने भी दिखाया अदम्य साहस
राज्यपाल रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल
November 2, 2026
मार्कफेड अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ का किया प्रतिनिधित्व
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की 93वीं बैठक नई दिल्ली में संपन्न
November 2, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: यहां इंसान और मवेशी में फर्क करना मुश्किल

By Om Prakash Verma Published January 25, 2023
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
कहते हैं इंसान की उत्पत्ति बंदरों से हुई. लाखों साल पहले बंदर पेड़ों से उतर कर धरती पर आ गए. फिर उनकी कमर सीधी हुई और वे दो पैरों पर चलने लगे. जरूरत खत्म होने पर पूंछ भी झड़ गई. सीधा खड़ा हुआ तो दिमाग कुछ और बेहतर हुआ, हाथ फ्री हुए तो कुछ और हुनरमंद हो गए. वैसे, बालों से जुआं तो बंदल भी निकाल लेते हैं. हालांकि, डारविन के विकासवाद के इस सिद्धांत को धर्मशास्त्र नहीं मानते. सभी एकमत हैं कि मनुष्य का जन्म मनुष्य के रूप में ही हुआ. पर उसकी हरकतें देखकर तो डारविन ही ज्यादा सही प्रतीत होते हैं. यकीन नहीं आता तो सड़कों पर देखिए. वाहन चालकों को जितना खतरा आवारा मवेशियों से है, उतना ही पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों से भी है. एक तो छत्तीसगढ़ में जेब्रा क्रांसिंग का कोई कंसेप्ट ही नहीं है. पैदल चलने वाले भी गाड़ियों के साथ ही चौराहा पार करते हैं. कुछ लोग आलस्य भरी चाल से गुजरते हैं तो कुछ लोग फुदकते हुए रास्ता पार करते हैं. कुछ लोग दोनों हाथ फैलाए सड़क पार करते हैं, मानो टेकऑफ कर जाएंगे. 30 सेकण्ड के लिए हुए ग्रीन सिग्नल पर गाड़ियां निकलें या पैदल वालों को जाने दें, समझ में ही नहीं आता. प्रशासन पैदल चलने वालों को जेब्रा क्रासिंग भले ही न दे पाया हो, फुट ओवर ब्रिज जरूर बनाकर दे दिया था. यह और बात है कि इसपर कभी कोई चढ़ा ही नहीं. फुटब्रिज, केवल शराबियों, जुआरियों और कुत्तों का आस्ताना बन कर रह गए. रायपुर का स्काईवाक आज भी लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है. दरअसल, जितने भी उपाय ट्रैफिक को सुधारने के लिए किये गये हैं वो सभी सतही हैं. दुपहिया के लिए हेलमेट और चारपहिया के लिए सीटबेल्ट तक जाकर उसकी सोच अटकी हुई है. हेलमेट केवल सिर को बचा सकता है, दुर्घटना रोकने में उसकी कोई भूमिका नहीं है. हेलमेट केवल दुर्घटना जन्य मौतों को कम कर सकता है. जाहिर है कि मौतों की संख्या को कम करना ही इस अभियान का इकलौता उद्देश्य है. इसकी वजह भी है. 2021 में देशभर में 4,12,432 सड़क हादसे हुए जिसमें 1,53,972 लोगों की मौतें हुईं. पर हम भूल रहे हैं कि इस दौरान 3,84,448 लोग घायल भी हुए जिनमें से कई अपाहिज हो गए. इनका इलाज कराते-कराते पूरा परिवार गरीबी रेखा से नीचे चला गया. अकेले दिल्ली की बात करें तो यहां सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले पदयात्रियों की संख्या भी प्रतिवर्ष 500 से 800 के बीच होती है. कुछ दुर्घटनाओं के ये सिर्फ शिकार होते हैं तो कई दुर्घटनाओं में ये कारण होते हैं. जाहिर है कि सतही उपायों से सड़क हादसों को कम नहीं किया जा सकता. जरूरी है कि अच्छी गाड़ियों के सवार भी अच्छी क्वालिटी के हों. फोरलेन, सिक्स लेन सड़कों पर मवेशी और मवेशी सरीखे लोग न हों. वरना बंदर के हाथ में उस्तरा…

राज्योत्सव में राजस्व विभाग की डिजिटल सेवाओं ने खींचा लोगों का ध्यान

लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से ओड़गी में सड़क-पुल निर्माण को मिली स्वीकृति

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

राज्यपाल रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की 93वीं बैठक नई दिल्ली में संपन्न

Share this Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article OlX के जरिए भिलाई तीन के शख्स से लाखों की ठगी, बैंक से फायनेंस कार का कर दिया सौदा, रुपए लेकर हुआ फरार
Next Article ICC Ranking : सीरीज जीत के साथ ही टीम इंडिया आईसीसी वनडे रैंकिंग में टॉप पर पहुंची, T-20 में भी है नंबर वन

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?