भिलाई। सुपेला अंडरब्रिज के विरोध में बैठे व्यापारियों से मिलने शनिवार को सांसद विजय बघेल पहुंचे। सांसद ने अंडरब्रिज से प्रभावित हो रहे व्यापारियों की समस्या सुनी। मौके पर प्रोजेक्ट के सेक्शन इंजीनियर को बुलाया और व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके बाद सांसद बघेल ने समस्या का समाधान कराया और व्यापारियों को हड़ताल खत्म करने की सलाह दी। मौके पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन, भिलाई चेंबर अध्यक्ष गारगीशंकर मिश्रा व पार्षद पीयूष मिश्रा सहित यहां के व्यापारी उपस्थित रहे।
बता दें सुपेला में आकाश गंगा व दक्षिण गंगोत्री के बीच रेलवे फाटक की जगह अंडरब्रिज निर्माण किया जा रहा है। चार माह पूर्व इसका काम भी शुरू हो गया। अंडरब्रिज का काम शुरू होने के बाद रेलवे क्रासिंग के किनारे बने शोरूम व इनसे जुड़े व्यापार पर संकट की संभावना को देखते हुए व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विगत चार माह से अपनी मांगों को लेकर व्यारी यहां हड़ताल पर हैं। व्यापारियों की मांग है कि अंडरब्रिज बनने के बाद उनका व्यापार प्रभावित न हो इसके इंतजाम किए जाएं। इसे लेकर व्यापारियों ने कलेक्टर से लेकर रेलवे डीआरएम तक आवेदन कर चुके हैं।
सांसद ने मौके से की डीआरएम से बात
व्यापारियों की समस्या सुनने के बाद सांसद विजय बघेल ने मौके पर मौजूद सेक्शन इंजीनियर अरूण चौधरी से चर्चा की। इस दौरान सांसद विजय बघेल ने बीच का रास्ता निकालकर व्यापारियों की समस्या का समाधान करने की बात कही। इस पर सेक्शन इंजीनियर ने क्रासिंग के पास एक बाईपास देने पर सहमति बनी। वहीं दक्षिण गंगोत्री सर्कस मैदान की ओर से आकाश गंगा के बीच भी सड़क खोलने की बात हुई। इसमें कुछ तकनीकी खामियां आ रही हैं। इसे लेकर सांसद विजय बघेल ने डीआरएम संजीव कुमार से चर्चा की।
सांसद बघेल ने डीआरएम संजीव कुमार से चर्चा कर उन्हें समस्या से अवगत कराया। इस दौरान सांसद ने सर्कस ग्राउंड से आकाशगंगा के बीच रास्ता देने की बात हुई। इस पर सांसद ने डीआरएम से मौका मुआयना कर इसका समाधान करने की बात कही। डीआरएम संजीव कुमार ने भी सांसद की बातों पर सहमति जताई और आगे इसे लेकर प्लान बनाने की बात कही। सांसद ने यह भी कहा कि यदि प्रोजेक्ट में आंशिक बदलाव पर कोई परेशानी होती है तो उच्च अधिकारियों से वे बात करेंगे। सांसद बघेल की समझाइश के बाद व्यापारियों ने अपना हड़ताल खत्म करने पर सहमति जताई है।




