भिलाई। यूपीएससी आइईएस-2022 (संघ लोक सेवा आयोग, इंजीनियरिंग सर्विसेस) में भिलाई-3 के एकांश चंद्राकर ने एआइआर 71 रैंक के साथ सफलता हासिल की है। तीन साल की कड़ी मेहनत से एकांश ने दूसरे ही प्रयास में सफलता पाई। सिविल में बीई एवं स्ट्रक्चर में एम टेक के बाद मल्टीनेशनल कंपनी में जाब भी किया। कोरोनाकाल नौकरी छोड़ी और यूपीएससी (आइईएस) की तैयारी शुरू की। पहली बार असफलता हाथ लगी लेकिन दूसरे प्रयास में आईएएस बन गए।

भिलाई-3 दक्षिण वसुंधरा नगर निवासी एकांश चंद्राकार ने यूपीएससी आइईएस-2022 प्री एवं फाइनल के बाद बीते आठ दिसंबर को हुए इंटरव्यू में भी सफलता हासिल कर ली। शुक्रवार को यूपीएससी आइईएस-2022 के परिणाम की घोषणा होते ही उनकी एवं स्वजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। एकांश भिलाई-चरोदा निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अश्वनी चंद्राकर एवं वंदना चंद्राकर के पुत्र हैं। 30 वर्षीय एकांश की पत्नी खुशबू व एक साल का बेटा कियांश भी है।
इंटरनेट मीडिया से स्वयं को रखा दूर
एकांश चंद्राकर ने अपनी सफलता पर कहा कि हम यदि लक्ष्य तय कर लें तो मंजिल तक पहुंचना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि कभी भी कड़ी मेहनत से हमे पीछे नहीं हटना चाहिए। आप यदि ठान लें तो यूपीएससी को भी क्लियर करना आसान है। उन्होंने बताया कि वे तीन साल तक मल्टीनेशनल कंपनी में नागपुर में कार्यरत थे। इस दौरान ही उन्होंने तय किया कि वे यूपीएससी की तैयारी करेंगे। एक लक्ष्य लेकर पढ़ाई शुरू की और अब सफलता पाई। एकांश ने प्राथमिक शिक्षा भिलाई नायर समाजम में की। 12 वीं की परीक्षा युगांतर स्कूल राजनांदगांव से बेहतर अंक से पास की। शुरू से मेधावी रहे एकांश ने बीआइटी दुर्ग से सिविल में बीई, वीएनआइटी नागपुर से स्ट्रक्चर में एम टेक किया।




