भोपाल। प्रदेश में एक समान नागरिक संहिता” लागू किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने का ऐलान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को किया। उन्होंने कहा कि भारत में अब एक समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत में अब समय आ गया है कि एक समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। एक देश में दो विधान क्यों चले? नियम एक ही होना चाहिए।
मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि वे एक समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए मध्य प्रदेश में भी मैं कमेटी बना रहे हैं। समान नागरिक संहिता में एक पत्नी रखने का अधिकार है तो एक ही पत्नी सबके लिए होनी चाहिए। बता दें कि इससे पहले गुजरात में भी अक्टूबर माह में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कमेटी के गठन का ऐलान किया गया था। वहीं उत्तराखंड में भी चुनाव से समान नागरिक संहिता करने की घोषणा की गई थी। सरकार बनने के बाद इसे लागू किया गया।
जानिए क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
कानून की नजर में सब एक समान होते हैं। पुरुष हों या महिला, कानून सबके लिए बराबर है. शादी, तलाक, एडॉप्शन, उत्तराधिकार, विरासत. लेकिन सबसे बढ़कर लैंगिक समानता वो कारण है, जिस वजह से यूनिफार्म सिविल कोड की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मतलब है विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नियम. इसका अर्थ है- भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना। समान नागरिक संहिता जिस राज्य में लागू की जाएगी- वहां, शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा।




