ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मवेशियों का शिकार, ग्रामीणों में दहशत, जानिए आखिर क्या है कारण…
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeatured

मवेशियों का शिकार, ग्रामीणों में दहशत, जानिए आखिर क्या है कारण…

By @dmin
Published: September 7, 2022
Share
SHARE

कोरबा। कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पाली वन परिक्षेत्र के चैतुरगढ़ जंगल एवं इससे लगे चैतमा वन परिक्षेत्र के जंगल में लंबे समय से हिंसक जानवरों के घूमने और दहाड़ से वनांचल के ग्रामीण दहशत में हैं। ये जानवर पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है। उक्त हिंसक जानवर की पुष्टि आधिकारिक तौर पर अब तक नहीं हो सकी है, किंतु उसके पदचिन्ह के अनुसार बाघ अथवा तेंदुआ होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं जिन्होंने उस शिकारी जानवर को दूर से देखा है वे बाघ होने की बात कह रहे हैं।

जिले के ऐतिहासिक महत्त्व का धार्मिक एवं मनमोहक पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ की पहाड़ियों में गत ग्रीष्मकालीन ऋतु के समय से एक हिंसक जंगली जानवर का लगातार विचरण हो रहा है। उसके दहाड़ से पहाड़ी क्षेत्र थर्राया हुआ है तथा जो वनांचल में बसे ग्रामीणों के पालतू जानवरों को अपना निवाला बना रहा है। बताया जा रहा है कि अचानकमार टाईगर रिजर्व चैतुरगढ जंगल से जुड़े होने से भीषण गर्मी का दौर प्रारंभ होते ही अनेक हिंसक जानवर चारे- पानी की तलाश में इस ओर अपना रुख करते हैं और गर्मी समाप्त होते ही वे पुनः वापस लौट जाते हैं, किंतु उक्त शिकारी जानवर का धमक अभी तक चैतुरगढ की पहाड़ियों में बना हुआ है। अब तक एक दर्जन से भी अधिक पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है।

इस जानवर का दहाड़ वनांचल में बसे ग्रामीणों के रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जिससे वे दहशत में है। जंगल के रास्ते आवागमन के दौरान कुछ लोगों ने उस जंगली जानवर को दूर से देखा भी है, जिसे बाघ होना बता रहे है, किंतु विभागीय रूप से इसकी कोई पुष्टि अब तक नहीं की जा चुकी है. पदचिन्ह को देखकर बाघ या फिर तेंदुआ होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। फिलहाल इसकी पुख्ता पुष्टि वन विभाग ही कर सकेगा।

इस मामले में पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी केके जोगी ने बताया कि लंबे समय से जड़गा, पाली और चैतुरगढ क्षेत्र में हिंसक जानवर के क्षेत्र में होने की जानकारी मिल रही है, लेकिन अभी तक न ही किसी ग्रामीण और न ही किसी वनकर्मी द्वारा किसी हिंसक जानवर जैसे बाघ व तेंदुए को दिखे जाने की पुष्टि की गई है। कुछ वर्ष पहले जड़गा रेंज के रावा के जंगल में एक तेंदुआ मृत पाया गया था। पदचिन्हों को जरूर देखा गया है, इससे संदेह जताया जा सकता है कि क्षेत्र में हिंसक जानवर विचरण कर रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है।

मुख्यमंत्री ने सात जिलों के वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों से की चर्चा: जाना स्वास्थ्य का हाल
रिश्ते में आ रही है शक की वजह से दरार तो प्रॉब्लम दूर करेंगे ये उपाय…
किसानों को बारदाने के लिए मिलेंगे अब 25 रुपये
एसआर हॉस्पिटल में अनोखे अंदाज में मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, स्टाफ के बीच हुआ क्रिकेट मैच
Breaking News : छत्तीसगढ़ में आईटी की बड़ी कार्रवाई, राजधानी रायपुर व दुर्ग सहित आधा दर्जन जिलों में दबिश
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article सड़क पर पैदल चलने वाली महिलाओं से चेन स्नेचिंग करने वाले दो युवक गिरफ्तार, इस तरह देते थे वारदात को अंजाम सड़क पर पैदल चलने वाली महिलाओं से चेन स्नेचिंग करने वाले दो युवक गिरफ्तार, इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
Next Article सीएम बघेल की बड़ी पहल: इन विद्यार्थियों के लिए शुरू होगी 4 नए प्रयास आवासीय विद्यालय
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?