पंडाल भी नहीं बना और न हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
भिलाई। अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल खेल के आयोजन पर भारी पड़ रही है। प्रदेश में चले स्कूल के स्टेट गेम में इसका सीधा असर नजर आ रहा है। भिलाई विद्यालय सेक्टर 2 में राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता शनिवार से शुरू हुई, लेकिन यह शुरुआत इतनी औपचारिक रही कि खेल में शामिल होने आए खिलाड़ी भी आजोयन में नहीं आ सकें। उद्गाटन समारोह भी एक छोटे से हॉल में किया गया। जिसमें हर खेल से गिनती के खिलाड़ी शामिल हो पाए। विभाग की मानें तो खेल स्पर्धा के लिए राज्य से आंबटन ही समय पर नहीं पहुंच पाया। इधर शनिवार को हुए उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव एवं विशेष अतिथि महापौर नीरज पाल थे। अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ अश्वनी देवांगन ने की। इस अवसर पर विधायक देवेन्द्र यादव ने शहर में मौजूद खेल सुविधाओं और यहां तैयार हो रहे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बताया। इससे पहले खेल ध्वज फहराकर उन्होंने इस खेल प्रतियोगिता की शुरुआत की। इस मौके पर डीईओ दुर्ग अभय जायसवाल, सहायक संचालक खेल कल्पना स्वामी, जिला खेल अधिकारी तनवीर अकील सहित कोच एवं दूसरे जोन से आए ऑफिशियल मौजूद थे।

हड़ताल ने रोका बजट
लगातार 12 दिनों से चल रही अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगता का आंबटन रूक गया। बजट नहीं आने की वजह से मेजबान एवं खेल के आयोजक दुर्ग शिक्षा विभाग ने किसी तरह जुगाड़ कर औपचारिक कार्यक्रम की व्यवस्था की। भिलाई विद्यालय के मल्टीपर्पस हॉल में यह कार्यक्रम रखा गया। जबिक हर वर्ष इसी स्कूल के मैदान में मंच भी बनाया जाता था और बकायदा खिलाडिय़ों की परेड और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते थे।
8 खेल में शामिल ढाई हजार खिलाड़ी
6 सितंबर तक चलने वाली इन खेल प्रतियोगताओं में 8 खेल होंगे। इसमें पांच जोन से ढाई हजार खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें बॉक्सिग, साइकिल पोलो, नेटबाल, बैडमिंटन, डाजबाल, जूडो,लॉनटेनिस और फेसिंग की स्पर्धा होगी। प्रतियोगिता में1190 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिसमें 6 55 बालिका एवं 535 बालक के साथ ही 150 ऑफिशियल शामिल हैं।




