ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गुस्ताखी माफ: चुटकियों में खत्म हो सकता है नक्सलवाद
Share
Notification Show More
Latest News
ओला के 3000 वाहनों का पंजीयन लंबित, परिवहन विभाग ने जारी किया नोटिस
October 22, 2026
माटी में रोजगार- प्रतिदिन 300 रुपए की मजदूरी से श्रमिक परिवारों को मिला मजबूत आर्थिक आधार, पलायन पर लगी रोक
October 22, 2026
राजनांदगांव एसपी अंकिता-शर्मा की बढ़ी मुश्किलें, फायरिंग मामले में PHQ ने मांगा स्पष्टीकरण
October 22, 2026
दुर्ग भिलाई के 11 थानों में जमा 33 हजार लीटर से ज्यादा शराब को पुलिस ने किया नष्ट
October 22, 2026
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें 24 नवंबर से रहेंगी रद्द, ट्रैक रिनोवेशन के लिए रेलवे ले रहा मेगा ब्लॉक
October 22, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

गुस्ताखी माफ: चुटकियों में खत्म हो सकता है नक्सलवाद

By @dmin Published August 31, 2022
Share
गुस्ताखी माफ़: रायपुर के 'हैप्पी स्ट्रीट' और भिलाई की 'तफरी'
गुस्ताखी माफ़: रायपुर के 'हैप्पी स्ट्रीट' और भिलाई की 'तफरी'
SHARE

-दीपक रंजन दास
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि नक्सलवाद की समस्या चुटकियों में खत्म की जा सकती है. शायद वे सही कह रहे हों. केवल दृष्टिकोण का फर्क ही तो है. गरीब आदमी घुन लगे चावल को फटका मारके, आंखें गड़ाकर घुनैन दानों को अलग करके, शेष चावल का इस्तेमाल करता है. रईस इतनी जहमत नहीं उठाते. वे पूरा का पूरा चावल मवेशियों को डाल देते हैं और नया चावल मंगवा लेते हैं. जो पार्टी आतंकवादियों के सफाए के लिए एक पूरे कौम को दोषी ठहरा सकती है, वह नक्सलियों के सफाए के लिए जंगलों पर बमबारी भी कर सकती है. गेहूं के साथ घुन के पिसने के मुहावरे को चरितार्थ कर भी लिया जाए तो क्या नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा? पिछले कई वर्षों का शोध बताता है कि नक्सलियों के भी स्लीपर सेल होते हैं. शहरों में बड़ी संख्या में उनके सिम्पथाइजर (सहानुभूति रखने वाले) हैं. तो क्या इनको चुटकियों में मारने के लिए शहरों में भी …? एक किस्सा याद आता है – दो-तीन दशक पहले तक दिल्ली-6 के विज्ञापन अखबारों और सस्ती पत्रिकाओं में खूब छपा करते थे. इनमें आग उगलने वाली पिस्तौल, आत्मरक्षा के उपकरण, खटमल मारने की मशीन, सस्ता रेडियो आदि को अविश्वसनीय दामों पर बेचने का दावा किया जाता था. एक सज्जन ने चुटकियों में खटमल मारने की मशीन मंगवा ली. जब वीपीपी (वैल्यू पेड पार्सल) खोला तो उसमें से एक चिमटा, लकड़ी का एक गुटका और एक हथौड़ा निकला. साथ में एक नोट था. खटमलों को मारना बेहद आसान है. खटमल को चिमटे से पकड़ो, उसे लकड़ी के गुटके पर रखो और हथौड़ी की एक चोट से उसका काम तमाम कर दो. यहां महत्व चुटकियों की टाइमिंग का भी है. राज्य गठन के बाद पहली बार कांग्रेस की सरकार चुनी गई है. उससे पहले 15 साल तक यहां भाजपा की ही सरकार रही है. जोगी सरकार को तो गद्दी बंटवारे के तोहफे में मिली थी. भाजपा के 15 सालों के कार्यकाल में से 5 साल ऐसे भी थे जब केन्द्र में भी भाजपा की सरकार थी. पर तब राजनाथ सिंह केन्द्रीय गृहमंत्री के रूप में इस विभाग का कामकाज देख रहे थे. तो क्या उन्हें चुटकी बजानी नहीं आती थी? या वो नहीं चाहते थे कि जंगलों में गेहूं के साथ घुन भी पिस जाए. या फिर शायद दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म-मानववाद में उनकी गहरी आस्था रही हो. वजह चाहे जो भी हो, चुटकियों में नक्सलियों को खत्म करने का दावा या तो केवल चुनावी शिगूफेबाजी है, या फिर क्रूरता की पराकाष्ठा. कोई भी समस्या चुटकियों में तब तक हल नहीं हो सकती, जब तक आपमें मानवीयता के अंश शेष हों. निर्दोषों को बचाते हुए कठोर कार्रवाई करने के लिए रणनीति भी लगती है और वक्त भी. छत्तीसगढ़ के कृषि और पंचायत मंत्री रवीन्द्र चौबे ने ठीक ही सवाल किया है कि यह चुटकी तब क्यों नहीं बजाई गई – जब केन्द्र और राज्य, दोनों जगह भाजपा की सरकारें थीं. क्या लगा था, भाजपा सरकार अमृत पीकर आई है?

You Might Also Like

ओला के 3000 वाहनों का पंजीयन लंबित, परिवहन विभाग ने जारी किया नोटिस

माटी में रोजगार- प्रतिदिन 300 रुपए की मजदूरी से श्रमिक परिवारों को मिला मजबूत आर्थिक आधार, पलायन पर लगी रोक

राजनांदगांव एसपी अंकिता-शर्मा की बढ़ी मुश्किलें, फायरिंग मामले में PHQ ने मांगा स्पष्टीकरण

दुर्ग भिलाई के 11 थानों में जमा 33 हजार लीटर से ज्यादा शराब को पुलिस ने किया नष्ट

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें 24 नवंबर से रहेंगी रद्द, ट्रैक रिनोवेशन के लिए रेलवे ले रहा मेगा ब्लॉक

@dmin August 31, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article दिव्यांग बच्चे को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता की हुई सराहना प्रभास की मदद से शरद केलकर की आदिपुरुष में एंट्री, हिंदी संस्करण में फिर गूंजेगी बाहुबली की आवाज
Next Article एक वक्त पर नहीं थे स्कूल की फीस भरने के भी पैसे, आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं राजकुमार

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?