भिलाई। देश व प्रदेेश भर में आधार कार्ड बनाने के सैंकड़ों आधार केन्द्र/च्वॉइस सेंटरों का संचालन होता है। ये केन्द्र व सेंटर्स आज व कल 25 अगश्त को देश व्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। जो आज सफल रहा। ऑल इंडिया आधार ऑपरेटर यूनियन (एआईएओयू) द्वारा फऱवरी 2022 से लगातार अपनी मांगो को लेकर यूनियन के पधाधिकारियों द्वारा मिलने संबन्धित कई बार सीईओ, यूआईडीएआई एवं मंत्री अश्विनी वैष्णव (रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री) को कई बार ईमेल एवं टेलीफोन कर उनसे मिलने के लिए समय मांगा गया परंतु आज दिनांक तक उन्होंने हमे कोई जवाब नहीं दिया है और ना ही मिलने का समय दे रहे हैं। यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) द्वारा डीओई-1 इत्यादि के नाम पर आधार ऑपरेटर को अनावश्यक रूप से 1 से 5 वर्ष के लिए निलंबित कर दिया जाता है। आधार ऑपरेटरो को प्रतिमाह मिलने वाला नया पंजीयन व मैनिटरी अपडेट का पैसा प्रतिमाह न तो मिलता और न ही उसका हिसाब दिया जाता है। जिससे ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान और जिविकोपार्जन में असुविधा महसूस होती है।
इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ से भी लगभग 12 से 13 जिलों के आधार आपरेटर यूनियन संघ द्वार हड़ताल का समर्थन किया है। वहीं आधार बनाने में गलती होने आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी आफ इंडिया (यूआईडीएआई) के इस नियम के कारण देशभर में बीते कई महीनों या यूं कहें सालों में हजारों युवाओं का रोजगार छिन चुका है। यह नियम अथॉरिटी की ओर से 2021 में लागू किया गया था। इससे पहले तक 5 गलतियां होने पर आधार कार्ड ऑपरेटरों को एक साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया जाता था, मगर दिसंबर के बाद नया नियम लागू होने से ऑपरेटर धड़ाधड़ बेरोजगार हो रहे हैं। इस नियम के तहत कई वर्षो से आधार कार्ड बना रहे ऑपरेटरों को भी ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। आधार से जुड़ा काम करने के किए जाने पर दूसरी कंपनियां काम नहीं देती।


जिन्हें ब्लैकलिस्ट या सस्पेंडेड किया जाता है, उनके कमीशन को फाइन के तौर पर पैसे का गबन कर दिया जाता है जिसका कोई भी हिसाब किताब नही रहता।
ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें जो कमीशन दिया जाता है, लेकिन जो लोग ब्लैकलिस्ट किए गए हैं, उनमें से कई महीनों से कमीशन नहीं दी गई है। वन्ही ऑपरेटरों का सवाल है कि ऐसी महारत किसको हासिल है कि कोई गलती ही नहीं करे। अफसरों से भी गलतियां होती हैं, क्या उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है? वहीं कई ऑपरेटरों एवं संचालकों का कहना है कि पूरे प्रदेश के युवाओं को बेरोजगार बनाने का तरीका निकाला गया है क्या यह तानाशाही फरमान है?
उस पर भी विडम्बना यह है की आधार सुपरवाइजर ऑपरेटर को कभी भी यह नहीं बताया जाता है की सुपरवाइजर ऑपरेटर ने किस आधार पैकेट से क्या गलती की है जिससे की कम से कम उसने क्या गलत किया है उसे पता हो बस यह कह कर इतिश्री कर ली जाती है की अपने 1 से 5 गलती की है इसलिए आपको ब्लैकलिस्ट कर 3 माह से 1 वर्ष, 5 वर्ष अथवा 10 वर्ष के लिए निलंबित किया गया है जो की न्यायसंगत नहीं प्रतीत होता है। आधार सुपरवाइजर/ऑपरेटर जिला ई-गवर्नेंस सोसाईटी, बैंक एवं रजिस्ट्रार के अंतर्गत कार्य कर रहे है। परंतु जब सुपरवाइजर / ऑपरेटर पारदर्शिता की बात करते हैं या अपने सवाल के जवाब मांगते हैं तो सभी पक्ष एक दूसरे से संपर्क करने को कहते है एवं आधार सुपरवाइजर ऑपरेटर को कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है।
इन्हीं मांगो को लेकर ऑल इंडिया आधार ऑपरेटर यूनियन के सदस्यों द्वारा सीईओ, यूआईडीएआई एवं मंत्री जी के समक्ष भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (आधार हैड ऑफिस), काली मंदिर रोड, गोल मार्केट, गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब रोड, नई दिल्ली पर आज तकरीबन 1500-2000 सदस्य सांकेतिक रूप से शांतिपूर्वक अपनी मांगे लेकर इक्कठा हुए। वहीं आज और कल ऑल इंडिया आधार ऑपरेटर यूनियन द्वारा हड़ताल का आह्वान किया गया था जिसके समर्थन में सभी आधार ऑपरेटर अपना कार्य बंद रख कर हड़ताल का समर्थन कर अपने आधार सेंटर बंद किये गए।




