बालोद। बालोद पुलिस ने ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपियों को पकडऩे में सफलता पाई है। बालोद पुलिस की स्पेशल टीम इन आरोपियों को झारखंड से गिरफ्तार लेकर पहुंची। आरोपी बेहद ही शातिराना तरीके से ठगी की घटना को अंजाम देते थे। फर्जी सिम से एक ही सीरीज के नंबरों पर कॉल करना और जो झांसे में आ जाए उससे ठगी करना। बालोद में ऐसे ही एक मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने एक्शन लिया और आरोपी पकड़ में आए।
मिली जानकारी के मुताबिक रिटायर्ड शिक्षक गौकरणलाल सोनबोईर निवासी ग्राम मोंगरी पोस्ट लाटाबोर के मोबाईल नम्बर पर अज्ञात मोबाईल नबर 6291798977 द्वारा कॉल किया गया। जिला सहकारी मर्यादित बैंक से बोलने की बात कहकर एटीएम कार्ड का नवीनीकरण का झांसा दिया। प्रार्थी के 16 अंको का एटीएम कार्ड नम्बर, सीवीवी नम्बर और ओटीपी पूछकर उसके अलग-अलग खातों से 5.47 लाख रुपए निकाल कर धोखाधडी किया गया। शिकायत पर गुण्डरदेही मेें अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। बालोद पुलिस की सक्रियता एवं त्वरित कार्रवाई से 2.50 लाख रुपए प्रार्थी के खाते में वापस कराया गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा विशेष टीम गठित कर एटीएम फ्राड के आरोपियों को पकडने जिला जमताडा झारखण्ड रवाना किया गया था। प्रार्थी से ठगी की गई रकम पेटीएम, मोबीक्वीक, एरोऑन पे, एस बैंक के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों मे ट्रांसफर किया गया था सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य प्राप्त कर आरोपियो का लोकेशन जिला जमताड़ा झारखण्ड मिलने पर टीम द्वारा जिला जमताडा में जाकर 9-10 दिन तक कैम्प लगाकर ग्रामीण वेशभूषा में रहकर पुलिस के जवानो द्वारा संदिग्धों पर लगातार निगाह रखा गया। स्थानीय पुलिस की मदद से बालोद पुलिस ने आयूब अंसारी पिता रमजान अंसारी ग्राम पंदनी थाना नारायणपुर जिला जमताड़ा को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमंाड पर एक टीम द्वारा बालोद लाया गया। दूसरी टीम ने अन्य आरोपियों समशेर अंसारी, साजिद अंसारी, मोहम्मद यूसुफ अंसारी व हारून अंसारी गिरफ्तार कर ट्राजिस रिंमाड पर जिला बालोद लाया गया।
यह गिरोह के सदस्य एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता अपडेट और नवीनीकरण के नाम पर ठगी करते है। टीम द्वारा पता करने पर उक्त गिरोह के गिरफ्तार आरोपियो ने बताया कि इस क्षेत्र के कई लोग पूरे भारत में इस प्रकार के ठगी कार्य कर रहे है। गरीबी रेखा मे रहने वाले लोग भी बडी बडी आलिशान मकानों मे रहते है। आरोपियों के बैंक खाता का डिटेल प्राप्त करने पर करीबन लाखों तक का ट्रांजेक्सन है जिससे पता चलता है कि इन आरोपियों द्वारा कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी की गई है जिस संबंध में विवेचना की जा रही है।
ऐसे करते हैं ठगी
आरोपी अन्य राज्यों जैसे उडींसा ,पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश ,कोलकाता, केरल से फर्जी सिम अधिक दामों मे खरीद कर पेटीएम, मोबीक्वीक, गूगल पे, एराऑनपे वैलेट बनाते है ताकि धोखाधडी की रकम बिना किसी पहचान के आसानी से निकाल सकें। आरोपियो द्वारा किसी भी राज्य के मोबाईल नम्बरो का एक सिरीज उठाकर उसमे लगातार कॉल करते है। अपने आप को बैंक कर्मचारी/अधिकारी बता कर भोले भाले लोगों को अपना निशाना बनाते है। 10 से 20 प्रतिशत कमीशन बेस पर खाता धारक को पैसे को लालच देकर उनका खाता प्राप्त कर उसमें फर्जी तरीके से रुपए ट्रांसफर करतें है। यह गिरोह में सबकी अलग-अलग भूमिका होती है। एक गुप का काम सिर्फ कॉल करना होता है वह सुबह से घंने जगलों मे जाकर मोबाईल नम्बरों की लिस्ट निकाल कर एक सिरिज से कॉल करता है। झांसे मे आने वाले लोगों का बैंक खातो से रकम कुछ देर में ही अन्य वैलेट पेटीएम, मोबीक्वीक में डाल कर बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते है। दूसरे ग्रुप का काम फ्राड रकम को एटीएम मशीन से निकाल कर 10 से 20 प्रतिशत कमीशन काट कर उस तक पहुचाता है।
गु्रप का मास्टर मांइड हारून अंसारी ने बताया कि वह और उसके सदस्य काम करने अन्य राज्य छत्तीसगढ ,महाराष्ट्र, गुजरात जाकर वह मजदूरी का कार्य भी किये है वहां के भाषा सिखते है और अन्य राज्यो से सिम प्राप्त करते है। हारून अंसारी अपने नाम से मुम्बई से सिम प्राप्त किया है। प्रकरण में आरोपी आयूब अंसारी पूर्व मे हत्या ,दहेज के मामले में जेल काट चुका है और उसका बडा बेटा उम्र कैद की सजा काट रहा है। एवं आरोपी समशेर अंसारी के पिता शकीर अंसारी भी लूट ,डकैती के प्रकरण में जिला जमताड़ा जेल में निरूद्ध है। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गुण्डरदेही निरीक्षक रोहित मालेकर, थाना सहायक उपनिरीक्षक पीआर साहू, प्रधान आरक्षक राम प्रसाद गजभिये महिला प्रधान आरक्षक लता तिवारी, आरक्षक पूरन देवंागन, आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक आकाश सोनी, आरक्षक सुमित पटेल, आरक्षक सलेन्द्र सिंह , महिला आरक्षक अनिता साहू का सराहनीय भूमिका रहा।




